गाय पालन से ग्रामीणों का मोह भंग ….? नहीं बची गायों के चरने के लिए शासकीय भूमि
अतिक्रमणकारियों ने किया कब्जा, अतिक्रमण नहीं हटा पा रही सरकार
रेवांचल टाईम्स – मंडला, मध्य प्रदेश के मंडला जिले में या यू कहे की संपूर्ण मध्य प्रदेश में या यू कहे की संपूर्ण भारत देश में गौ माता को लेकर सरकार गंभीर दिखाई नहीं दे रही है बातें तो बड़ी-बड़ी की जा रही है लेकिन हकीकत के धरातल में गौ माता के लिए ध्यान नहीं दिया जा रहा है खासकर ग्रामीण क्षेत्र में गाय पालन के लिए लोग अब पीछे हट रहे हैं अधिकांश ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम में शासकीय भूमि अतिक्रमण की वजह से नहीं बची है जहां-जहां शासकीय भूमि थी वहां-वहां अतिक्रमण कर लिए गए हैं जिसकी वजह से गाय को चराने के लिए जगह नहीं बची है ऐसी स्थिति में गाय को कहां चराया जाए और कैसे रखा जाए यह परेशानी इस समय ग्रामीण क्षेत्र में उत्पन्न हो गई है गौशाला खोलने व गाय की सुरक्षा के लिए कई तरह की बात तो की जाती है लेकिन हकीकत के धरातल में इस विषय पर काम नहीं किया जा रहे हैं जबकि जरूरत यह है कि प्रत्येक ग्रामों में शासन द्वारा गौशाला का निर्माण कराया जाए और गौशाला का संचालन समिति या समूह के माध्यम से कराया जाए और गौशाला को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई जाए ताकि एक जगहसभी गायों को सभी पालतू पशुओं को रखा जाए और उनका लालन पालन किया जाए लेकिन ऐसा शासन प्रशासन द्वारा नहीं किया जा रहा है इस बात को लेकर लोगों में नाराजगी पनप रही है शहर में ही देखा जाता है कि सड़क में गौ माता खड़ी रहती है इनके रहने की व्यवस्था शासन प्रशासन द्वारा नहीं बनाई जा रही है गांव में भी यह समस्या उत्पन्न हो रही है गांव वाले भी अब गाय पालन व पशुधन पालन के लिए पीछे हट रहे हैं जबकि गांव में ज्यादा से ज्यादा पालतू पशु रखे जाते थे और गाय पालन किया जाता था लेकिन अब यह समस्या बढ़ती जा रही है और लोगों का मोहभंग होता जा रहा है अनेक नागरिकों का कहना है कि प्रत्येक ग्रामों में गौशाला खोलने में शासन प्रशासन द्वारा क्यों लापरवाही बरती जा रही है शीघ्र ही सभी ग्रामों में व्यापक स्तर पर गौशाला का संचालन किया जाए और जितनी भी गौशालाएं संचालित हो रही हैं उन सभी गौशालाओं का निरीक्षण भी किया जाए और जो कमियां है उसे दूर की जाए ऐसी जन अपेक्षा है।