नाबालिग ने फांसी लगाकर दी जान
शव के पोस्टमार्टम के लिए पुलिस को करनी पड़ी जद्दोजहद
रेवाँचल टाईम्स – बजाग थानांतर्गत वनग्राम जल्दा बौना में समीप के मनेर दादर जंगल में एक नाबालिग स्कूली छात्रा का शव संदिग्ध हालात में फांसी के फंदे में पेड़ से लटका हुआ मिला। मृतक छात्रा के परिजनों द्वारा इस घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने घटना स्थल में पहुंचकर शव को फंदे से उतार कर पंचनामा बनाकर आगे की कार्यवाही शुरू की। तथा मामले की विवेचना की जा रही है घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार बौना की रहने वाली कक्षा दसवीं की छात्रा रंजीता राठौड़िया पिता रामलाल उम्र सत्रह वर्ष रक्षाबंधन त्यौहार मनाने अपनी नानी के भाई के घर साथ में ग्राम जल्दा गई हुई थी। त्यौहार मनाने के बाद उसी दिन लगभग ग्यारह बजे रंजीता और उसकी नानी वापस अपने गांव जल्दा की ओर लौट रहे थे।मृतिका की नानी ने बताया कि गांव जाते वक्त रंजीता रास्ते में पीछे रह गई थी नानी ने सोचा कि वापस जल्द चली गई होगी ।परंतु दो दिन बाद सोमवार को सुबह गांव की ही रहने वाली एक महिला ने रंजीता के जंगल में फांसी लगा लेने की खबर दी। नाबालिग मृतिका के परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना की छानबीन कर रही है
पोस्टमार्टम के लिए जिले में भेजा शव
बौना के हाईस्कूल में कक्षा दसवीं में पढ़ने वाली पूर्व सरपंच की सत्रह वर्षीय पुत्री की संदिग्ध मौत के बाद उसके शव को पुलिस की मदद से पोस्टमार्टम के लिए तकरीबन चार बजे बजाग लाया गया । शव को मर्चुरी घर तक ले जाने के लिए बारिश में रास्ता खराब होने के चलते जल्दा मार्ग में स्थित स्टेडियम में ले जाया गया ।सूत्रों के अनुसार कुछ स्थानीय लोगों द्वारा स्टेडियम में पी एम करने को लेकर आपत्ति जताई गई।जिसके बाद शव को मर्चुरी तक ले जाने के लिए पुलिस को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। मुख्यमार्ग से दलदली, कीचड़ युक्त रास्ते को पार करते हुए शव को मर्चुरी तक ले जाना पड़ा। मामला नाबालिग की संदिग्ध मौत होने और महिला डॉक्टर के उपलब्ध न होने के कारण शव को शाम साढ़े छह बजे करीब जिला अस्पताल भेजना पड़ा। इस पूरी कार्यवाही के दौरान लगभग दो घंटे का वक्त लग गया और मृतिका के परिजनों सहित बजाग पुलिस को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।