सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

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रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ास्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय, छिंदवाड़ा में ध्वजारोहण समारोह बड़े हर्ष और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रमुख कुमार उत्कर्ष, मुख्य प्रबंधक, बैंक के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण अपने परिवारजनों सहित उपस्थित रहे।

सुबह 9 बजे राष्ट्रीय ध्वज को फहराकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। तिरंगे के लहराते ही वातावरण “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के जयघोष से गूंज उठा। बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों और कविताओं ने पूरे समारोह को और अधिक ऊर्जावान बना दिया।

क्षेत्रीय प्रमुख कुमार उत्कर्ष ने ध्वजारोहण के पश्चात अपने प्रेरणादायी संबोधन में सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और देश की आज़ादी के लिए बलिदान देने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और संकल्प का भी है। हम सबको अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का ईमानदारी से पालन करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

अपने उद्बोधन में उन्होंने भारतीय सेना के साहस और वीरता की सराहना करते हुए विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भारतीय सैनिक सीमाओं की रक्षा करते हुए देश की अखंडता और स्वाभिमान की सुरक्षा करते हैं, उसी प्रकार बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से प्रत्येक बैंककर्मी भी “आर्थिक सैनिक” के रूप में देश के सामाजिक-आर्थिक उत्थान का प्रहरी है।

उन्होंने सभी स्टाफ सदस्यों से आह्वान किया कि वे बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा और आर्थिक विषमता जैसी चुनौतियों के खिलाफ सतत संघर्ष करें। उन्होंने कहा कि आज़ादी का सच्चा अर्थ तभी है जब देश का हर नागरिक आर्थिक रूप से सशक्त और सामाजिक रूप से सुरक्षित हो। इस दिशा में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

समारोह में देशभक्ति की गूंज हर ओर सुनाई दी। स्टाफ सदस्यों के परिवारजनों, विशेषकर बच्चों ने देशभक्ति से सराबोर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से समारोह की शोभा बढ़ाई। अंत में सभी उपस्थितजनों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया और देश की प्रगति एवं समृद्धि में अपने-अपने स्तर से योगदान देने का संकल्प लिया।

यह आयोजन न केवल स्वतंत्रता दिवस का उत्सव था, बल्कि यह हम सभी के लिए अपने कर्तव्यों को स्मरण करने, प्रेरणा लेने और राष्ट्र सेवा का संकल्प दोहराने का एक अवसर भी रहा।

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