सेवादल अध्यक्ष सुरेश कपाले का हवाई पट्टी नहीं पहुंचना राजनीति हल्के में चर्चा का विषय
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा पीसीसी चीफ जीतू पटवारी किसान बचाओ आंदोलन में छिंदवाडा पहुंच रहे है। किसानों के हक में बड़ा आंदोलन करेंगे। जिसको लेकर तमाम तैयारियां की जा रही है। इस आंदोलन में हिस्सा लेने पूर्व सांसद नकुलनाथ भी छिंदवाड़ा पहुंच गए है। ऐसे वक्त पर उनके आगमन पर सेवादल अध्यक्ष सुरेश कपाले का हवाई पट्टी नहीं पहुंचना राजनीति हल्के में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कांग्रेस अभी भी गुटबाजी से नहीं उभर पा रही है। पद की लालसा रखने वाले पदाधिकारी कांग्रेस नेताओं से दूरी बनाने लगे है। आज पूर्व सांसद को सलामी देने सेवादल अध्यक्ष सुरेश कपाले नहीं पहुंचे। उन्होंने इस बार पूर्व के नुकलनाथ के आगमन से दूरी बनाए रखी। उनकी हवाई पट्टी पर मौजूदगी न होना पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि इसके पीछे क्या कारण है, यह बात वही बेहतर बता सकते है।
बताया जाता है कि इस बार कांग्रेस अध्यक्ष की दौड़ में पूर्व कांग्रेस कमेटी जिला अध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे, सुरेश कपाले सहित अन्य वरिष्ठ कांग्रेस पदाधिकारियों का नाम था। हाईकमान ने तिबारा फिर पूर्व अध्यक्ष ओक्टे पर विश्वास जताया। उन्हें फिर से जिला कांग्रेस
कमेटी का ताज पहना दिया गया। उनकी इस ताजपोशी से कुछ वरिष्ठ पद्धिकारियों में नाराजगी देखी गई। इसी के चलते यह कयास लगाए जा रहे है कि सुरेश कपाले के टीम सलामी देने नहीं पहुंची।
लंबे समय से कांग्रेस में है कपाले निष्ठावान कार्यकर्ताओं में गिने जाते हैं
सेवादल जिला अध्यक्ष सुरेश कपाले लंबे समय से कांग्रेस में सेवाएं देते आ रहे है। उनका परिवार भी कांग्रेस के लिए समर्पित है। कपाले खुद कांग्रेस संगठनों के मुख्य पदों में रहे है। हमेशा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व सांसद नकुलनाथ के आगमन पर वे और उनकी पूरी टीम सलामी देने पहुंचती थी। इस बार सुरेश कपाले की टीम नहीं पहुंचना कांग्रेस के लिए यह अच्छे संकेत नहीं है। बड़े आंदोलन में कांग्रेस के और भी वरिष्ठ नेता मंच से दूरी बना सकते हैं