कलेक्ट शीलेंद्र सिंह अपने काम के लिए मशहूर है

रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा|छिंदवाड़ा कलेक्टर के खिलाफ जो न्यूज़ चैनल पर खबरें दिखाई जा रही है वह भ्रामकता फैलाने के लिए न्यूज़ बनाई गई है जो आज जनचर्चा का विषय बना रहा है बताया जाता है कि जो उनके विरोधी तत्व लगातार सोशल मीडिया में फैला रहे हैं जबकि वास्तविकता कुछ और है अनुशासनहीन के खिलाफ अगर कोई कार्रवाई होती है तो वह कलेक्टर का दायित्व होता है और वह उस दायित्व को उन्होंने निर्वाह किया है जैसे कि छिंदवाड़ा में भी वह लगातार अपनी जिम्मेदारी को निभाते आए हुए हैं और दिन रात नवाचार के लिए लगे रहते हैं और पूर्व में जो स्थान पर भी रहे हैं उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को निभाया है और एक विशेष पहचान और स्थान बनाया है उत्तराखंड के संभागीय कमिश्नर दीपक रावत और छिंदवाड़ा जिले के कलेक्ट शीलेंद्र सिंह अपने काम के लिए मशहूर है! और पूरे भारत देश में प्रसिद्ध है और अपनी जिम्मेदारी को निभाने के लिए जाने जाते हैं जन कल्याण के लिए हमेशा। एक कदम आगे बढ़कर ही काम किया है परंतु तो अच्छे काम करने वालों को हमेशा कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है कहावतें है,चंदन के झाड़ में हमेशा सर्प होते हैं
कुछ लोगों का कहना है कि इसी प्रकार से यह जो खबर है उन लोगों के द्वारा उड़ाई जा रही है जो बे बुनियाद है और झूठी खबर है ! जो उनकी छवि को धूमिल करने के लिए सोची समझी राजनीति है बताया जाता है कि यह खबर न्यूज़ चैनल में चलाई जा रही है वह फेक है कि छिंदवाड़ा कलेक्टर को 7 दिन की जेल की सजा सुनाई एवं ₹50000 का जुर्माना लगाया गया है इसको तोड़ मरोड़ कर गलत खबर यह अफवाह है! जबकि छिंदवाड़ा कलेक्टर अपने कार्य को पूर्णता निभा रहे हैं ! और वह लगातार छिंदवाड़ा जिले की जनता से जुड़े हैं और उनसे जुड़ी समस्याओं को सुलझाने का काम लगातार कर रहे हैं! इस तरीके की फेक अफवाह को ना फैलाएं और इससे बचे! यह लोगों का कहना है कुछ यह भी कह रहे हैं यदि सजा होती तो मीटिंग कैसे करते आज प्रेस वार्ता को भी उन्होंने संबोधित किया यदि किसी को सजा सुनाई जाती है तो वह व्यक्ति कहां होता है?

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