कलेक्टर की पारदर्शी कार्यशैली से जिले की जनता संतुष्ट, अधिकारी और नेताओं की जवाबदेही तय, भ्रस्टो के मुखड़े में उदासीनता
रेवांचल टाईम्स – आदिवासी बाहुल्य जिले में एक ईमानदार कलेक्टर के रूप में नेहा मारव्या की छवि लोगों के सामने आ रही है जहाँ नगर से लेकर दूर दराज से लेकर वनांचल क्षेत्र में निवासरत लोगों के चेहरे में खुशी दिखाई पड़ रही पर वही कुछ भ्रस्ट और भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी कर्मचारी और कुछ तथाकथित जनप्रतिनिधियों ने अपने ऊपर कार्यवाही का शिकंजा कसते देख तिलमिला रहें है और उनकी झूठी बेबुनियाद शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों और भोपाल तक कि जा रही है। कलेक्टर के निर्देशो का समय पर पालन करने वाले और अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही करने वाले भ्रस्टो को चेहरे लाल होते दिखाई पड़ रहे और जनता अपनी समस्याओं का जल्द निराकरण पाने पर खुश नजर आ रही पर गरीबो का शोषण करने वालो को उनकी खुशी देखी नही जा रही है और उन्हें हटाने तरह तरह के प्रयास कर रहें हैं। शायद आदिवासी बाहुल्य जिले मंडला और डिंडौरी जिले के विधायक सांसद जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों को निष्पक्ष ईमानदार कर्तव्यों के प्रति जागरूक कलेक्टर पसंद नही आते है आखिर क्यों जनता पूछ रही हैं।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार डिंडौरी जिले में कलेक्टर के रूप में पदस्थापना होते ही प्रशासनिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिल रही है। लंबे समय से ठप पड़ी योजनाओं को गति देने और जनहितकारी कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के सकारात्मक संकेत दिखाई दे रहे है
जानकारी अनुसार कलेक्टर द्वारा हर बैठक अधिकारियों स्पष्ट संदेश दिया जाता है कि सरकार की हर योजना और विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता के साथ योजनाओं को समयसीमा में पूरा करना उनकी पहली प्राथमिकता है।
वही स्थानीय लोगों का मानना है की कलेक्टर की सख्त कार्यशैली से भ्रष्टाचार पर अंकुश लग रहा है। आम जनता को अब यह उम्मीद है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उन्हें मिलेगा और बीच में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगेगी।
वही सूत्रों ने बताया की कलेक्टर ने निर्माण कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा कड़ाई से कर रहे है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी विभाग में भ्रष्टाचार पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर जिले में प्रशासन की कार्यशैली में बदलाव के संकेत दिख रहे हैं और जनता को भरोसा है कि कलेक्टर के आने से विकास कार्यों में तेजी और भ्रष्टाचार पर लगाम लग रही है।
कलेक्टर के आने से शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में बेहतर सुधार
जिले में कलेक्टर की तैनाती के बाद शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने दोनों विभागों की समीक्षा की और अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी अब दिखाई भी देने लगे है।
कलेक्टर लगातर जिले की दौरा कर रहे है स्कूलों की स्थिति सुधारने, अध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है जो अब दिखाई देने भी लगा है। वही जब शिक्षकों उपस्थिति को लेकर रेवांचल टाइम्स की टीम ने जिले के अलग-अलग विकासखंडों के अलग-अलग स्कूलों में पहुँचे तो पता चला की जिले के हर स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति लगभग 90 प्रतिशत हो रही है शिक्षकों की उपस्थिति से गॉव वाले बेहद खुश है वही इस पर जिले के बुद्धिजीवी लोगो का कहना है की कलेक्टर मेडम के आने से शिक्षा में सुधार बेहद खूबसूरत बदलाव है क्योंकि जिले में दर्जनों ऐसे शिक्षक है थे जिन्ह स्कूल से कोई मतलब नही होता था सिर्फ वेतन के लिए दो चार दिन जाते थे अब लगातार जा रहे होंगे ओर बच्चों को अच्छे से पढ़ा भी रहे होंगे। वही स्वास्थ्य विभाग पर भी प्रशासन कड़ी नजर है जिला प्रशासन का साफ कहना है की बेहतर सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नही करेंगे जिला की हर नगरिक को अच्छी स्वास्थ्य सेवाए मिलनी चाहिए अस्पतालों में दवाइयों और डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है
साथ हि ग्रामीण इलाकों में विशेष ध्यान देते हुए उन्होंने मोबाइल हेल्थ यूनिट और स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ये कलेक्टर की सख्ती से अब शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में बहुत अच्छा सकरात्मक पारदर्शिता आई है और आम जनता को सीधा लाभ मिल रहा है।
जनता को उम्मीद है कि आने वाले समय में जिले की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में और अच्छा व्यापक सुधार दिखाई देगा।
पारदर्शिता कार्यशैली और जवाबदेही से, नेताओं में हड़कंप
जिले में कलेक्टर की सख्त और पारदर्शी कार्यशैली से जनता में भरोसा और संतोष बढ़ रहा है। विकास योजनाओं की तेज़ समीक्षा, शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की पहल को आम लोग सराह रहे हैं।
दूसरी ओर, कलेक्टर के साफ-सुथरे प्रशासनिक रवैये से नेताओं में हड़कंप मच गया है। साथ हि एक तरफ नेताओं के दबाव की राजनीति भी दिख रही है। जनता को उम्मीद है कि इस नई कार्यप्रणाली से जिले में विकास और ईमानदारी की नई तस्वीर सामने आएगी।
जिले में कलेक्टर के सख्त तेवरों से जनता का भरोसा बढ़ा है। विकास कार्यों में तेजी और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए उठाए गए कदमों से आम लोग संतुष्ट नजर आ रहे हैं। वहीं, कलेक्टर की पारदर्शी कार्यशैली से नेताओं में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, कई नेताओं और अधिकारियों पर अब जवाबदेही तय होने का दबाव बढ़ गया है।
जनता को उम्मीद है कि इस नई कार्यशैली से जिले में ईमानदारी और विकास की नई शुरुआत होगी।