प्लास्टिक तानकर चल रहा स्कूल, जर्जर छत के नीचे पढ़ रहे मासूम….बजाग BRC ने की जांच, मरम्मत के दिए निर्देश

दैनिक रेवांचल टाइम्स बजाग – तहसील मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर दूर सारंगपुर गांव का माध्यमिक शाला भवन जर्जर स्थिति में संचालित हो रहा है वर्तमान हालत यह है कि भवन की छत प्लास्टिक के सहारे चल रही है इसके वावजूद भी स्कूल के अंदर पानी टपक रहा है इसी स्कूल के अंदर बैठकर विद्यार्थी राम पर भरोसा कर विद्याध्ययन करने मजबूर हैं जर्जर कमजोर छत की कंडीशन देखकर लगता है कि आगे क्या होगा कुछ कहा नहीं जा सकता।

शाला भवन की स्थिति देखते हुए सोमवार को विकासखंड स्रोत समन्वयक बृजभान सिंह गौतम ने स्कूल का निरीक्षण किया। एवं जांच करते हुए उन्होंने पाया कि छत से पानी टपक रहा है इसलिए प्लास्टिक का आवरण छत पर लगाया गया है छत का प्लास्टर गिर रहा है भवन की स्थिति बड़ी मरम्मत के लायक है। बी आर सी ने भवन की हालत देखते हुए शिक्षकों को जल्द ही मरम्मत कार्य के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए है। फिलहाल जर्जर भवन के हालात को सुधारने के लिए शाला निधि से प्राप्त राशि से ही एक सप्ताह के भीतर आवश्यक मरम्मत कराने के लिए कहा गया है बी आर सी ने बताया कि वार्षिक कार्ययोजना में शाला की मेजर रिपेयरिंग के लिए पूर्व में राज्य शिक्षा केंद्र को प्रस्ताव भेजा जा चुका है राशि स्वीकृत होते ही भवन की संपूर्ण मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। वर्तमान में स्कूल भवन में जहां जहां सुधार की आवश्यकता है उसे ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही कार्य कराने के निर्देश शाला प्रबंधन को दिए गए है

मामला सारंगपुर गांव का है जहां स्कूल भवन खंडहर में तब्दील होते जा रहा है और इस भवन की छत धीरे धीरे खराब होने लगी है और इसी जर्जर छत के ऊपर पन्नी लगाकर नौनिहालों का भविष्य संवारा जा रहा है। स्कूल भवन की हालत कमोबेश खराब है जिससे किसी भी वक्त अनहोनी की आशंका बनी रहती है लेकिन जिम्मेदार सब कुछ जानकर भी अंजान बने बैठे हैं। जर्जर हो चुके टपकती छत के नीचे दहशत के साये में छात्र पढ़ने के लिए मजबूर हैं। शिक्षक बताते हैं की बारिश से बचने के लिए स्कूल भवन की छत पर पन्नी बिछाया गया है जिससे पानी का टपकना तो कम हुआ है लेकिन भवन की हालत बहुत ज़्यादा खराब है जिसको लेकर उनके मन में भी डर बना रहता है। गौरतलब है कि बीते दिनों सिंगारशक्ति गांव में रात के वक्त स्कूल भवन का बरामदा भरभराकर ढह गया था लेकिन गनीमत रही की घटना रात के समय हुई वरना हादसा भयावह हो सकता था। खास बात यह है की जिले में कई घटनाओं के बाद भी जिम्मेदार प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

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