जबलपुर में अवैध कॉलोनियों का साम्राज्य – TNCP बना मूकदर्शक!

दैनिक रेवांचल टाइम्स जबलपुर नगर व क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण (TNCP) का जिम्मा शहर की सुनियोजित बस्ती और वैधानिक कॉलोनियों का विकास करना है। लेकिन हकीकत बिल्कुल उलट है। स्थिति यह है कि जबलपुर में सूत्रों से जानकारी के अनुसार सिर्फ 10 कॉलोनियां TNCP में रजिस्टर्ड हैं, जबकि शहर में 1000 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां धड़ल्ले से कट रही हैं। और कॉलोनाइजर लोगो की कमाई में एक अच्छे घर का सपना दिखा कर लूट रहे है और जिन्हें जिम्मेदारी दी है वह चैन की नींद में आराम फरमा रहें हैं।
यह आंकड़ा सिर्फ इस वर्ष का है, जिससे साफ है कि अवैध कॉलोनी कारोबारियों और TNCP के बीच गठजोड़ बिना प्रशासन की आंख मूंदे संभव नहीं।
अवैध कॉलोनियों का गढ़ बना जबलपुर
हर गली-मुहल्ले में नई नई कॉलोनी काटकर प्लॉट महंगे महंगे दामो में बेचे जा रहे हैं। जिनमे सुविधाएं के नाम पर केवल अस्वशन और पम्पलेट में सर्वसुविधायुक्त लिखा पर जमी हकीकत कुछ और होती है कॉलोनाइजर के द्वारा केवल खेतों में मिट्टी से सड़क के नाम पर एक लाइन खीच दी जाती है और न सड़क, न नाली, न पानी, न ही पार्क—सब कुछ कागजों में। और इन सब पर TNCP की आंखें बंद हैं।
लोग लाख शिकायत करें, लेकिन कार्रवाई के नाम पर टालमटोल और खानापूर्ति से ज्यादा कुछ नहीं होता।
जवाबदेही का सवाल
वही जब कमिश्नर और कलेक्टर तक इस काले खेल से वाकिफ हैं, तो फिर सवाल उठता है कि TNCP की जवाबदारी आखिर है किसके प्रति? जनता के प्रति या अवैध कॉलोनी माफियाओं के प्रति?
TNCP अधिकारी रिकॉर्ड और कागजों की आड़ में जनता को गुमराह कर रहे हैं। कार्यवाही की जगह “नोटिंग” और “फाइल” का खेल चलता है।
विभाग कर रहा है जनता से धोखा
वही सूत्रों की माने तो शहर की मासूम जनता अपने जीवन भर की कमाई इन सपने के मकान बनाने प्लॉट्स में झोंक देती है। बाद में न तो उन्हें सुविधाएं मिलती हैं और न ही प्लॉट का वैधानिक हक।
यह सब TNCP की सीधी लापरवाही और मिलीभगत का नतीजा है। अगर जिन विभाग के जिम्मेदार को जनता की जिम्मेदारी सौपी और वह अपने फर्ज के प्रति चंद पेसो के चलते उन्हें मिली जबाबदारी में अनदेखी करते है जो लोगों को एक अच्छे घर का सपना दिखाने वाले सौदागरों पर कार्यवाही करेगा कौन क्या लोग अपनी जीवन भर की कमी इन भू माफियाओं और अबैध कॉलोनाइजर के चुंगल से कौन बचा पायेगा जब विभाग ही अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं और भय मुक्त होकर पूरे शहर से लेकर ग्रामीण अँचलों में अबैध कालोनियो की बाढ़ आई हुई है।