पैगम्बर साहब की सीरत को आम करने जमाअत-ए-इस्लामी वूमेंस विंग ने मरीजों को वितरित किए फल

रेवाँचल टाईम्स – मंडला पैगम्बर ए इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की 1500वीं यौमे पैदाइश “जश्न ए ईद मिलादुन्नबी” के मुबारक मौके पर जमाअत-ए-इस्लामी की वूमेंस विंग की जानिब से जिला चिकित्सालय में मरीजों को फल वितरित किए गए। इस मौके पर जमाअत-ए-इस्लामी की वूमेंस विंग के साथ – साथ गर्ल्स इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन (जीआईओ) और चिल्ड्रंस इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन (सीआईओ) के सदस्य भी मेल सर्जिकल – मेडिकल, फीमेल सर्जिकल – मेडिकल, वृद्धजन, शिशु व प्रसूता वार्ड में फल वितरित करते नज़र आये।

इस मौके पर चाइल्डर्स इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन की ज़िया गौहर खान ने कहा कि अल्हम्दुलिल्लाह, आज रबीउल अव्वल के इस मुक़द्दस महीने में, जब पूरी दुनिया हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत और उनकी तालीमात को आम करने का जज़्बा रखती है, उसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए जमाअत-ए-इस्लामी की वूमेंस विंग की जानिब से आज मंडला के सरकारी अस्पताल में एक ख़ास मुहिम चलायी गई। इस मुहिम का मक़सद यह है कि हम अपने नबी की रहमत, उनकी रहनुमाई और इंसानियत के लिए उनके बेहतरीन उसूलों को अमल में लाएँ और लोगों तक पहुँचाएँ। हम सब जानते हैं कि हमारे प्यारे नबी हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हमेशा बीमारों की अयादत (मुलाक़ात) करने, उनकी देखभाल करने और उनके साथ ख़ैरख़्वाही करने की तालीम दी। इसी अमल को सामने रखते हुए हम यहाँ मरीज़ों के पास आए हैं, उनके लिए फलों का इंतज़ाम किया है, ताकि हम अपने नबी की उस रहमत की झलक पेश कर सकें जो उन्होंने पूरी इंसानियत के लिए दिखाई।

ज़िया गौहर खान ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि हमारी यह कोशिश सिर्फ़ तहरीर या तक़रीर तक महदूद नहीं है, बल्कि अमली तौर पर हम चाहते हैं कि समाज में इंसानियत, मोहब्बत, रहमत और ख़िदमत का पैग़ाम आम हो। नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत हमें यही सिखाती है कि किसी मज़हब या तबक़े की तफ़रीक़ के बिना इंसान की ख़िदमत की जाए। हम दुआ करते हैं कि अल्लाह तआला हम सबको अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे और इस जज़्बे को आम करने में हमारी मदद फरमाए। इस दौरान जमाअत-ए-इस्लामी वूमेंस विंग की फरहाना, शेहला परवीन, रिजवाना बेगम, अरेफा बेगम, इशरत परवीन, शुमैला, सायमा, नजमा गर्ल्स इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन की निदा, सानिया, रिज़ा, सयेमा, मंतशा और गर्ल्स इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन चिल्ड्रंस इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन की सारा, जिया, मायशा, ज़फीरा शामिल थी।

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