सरपंच ने कमिश्नर पर ठोकी अवमानना याचिका
ग्राम पंचायत जोन्हा ने न्यायालय के आदेशों की अनदेखी पर उठाया बड़ा कदम, कमिश्नर रीवा से 4 हफ्ते में जवाब तलब
दैनिक रेवांचल टाइम्स रीवा
ग्राम पंचायत जोन्हा (जनपद पंचायत जवा, जिला रीवा) के सरपंच धनेंद्र द्विवेदी ने रीवा कमिश्नर श्री जामोद के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में अवमानना याचिका दायर कर दी है। यह मामला ग्राम मौहरिया की शासकीय भूमि आराजी नंबर 147/2 (मरघट भूमि) पर एनसीसी कंपनी द्वारा अवैध रूप से इंटेक वेल निर्माण से जुड़ा हुआ है।
मरघट की भूमि पर अवैध निर्माण
ग्रामीणों और पंचायत ने बार-बार आपत्ति दर्ज कराई कि मरघट की भूमि पर इंटेक वेल का निर्माण असंवैधानिक और सामाजिक दृष्टि से गलत है। इसके बावजूद एनसीसी कंपनी ने निर्माण कार्य नहीं रोका।
तहसील स्तर पर भी पुष्टि
दिनांक 2 मई 2025 को सरपंच ने नायब तहसीलदार अतरैला को सीमांकन का आवेदन दिया। सीमांकन में साफ साबित हुआ कि आराजी 147/2 वास्तव में मरघट की ही भूमि है, जिस पर इंटेक वेल बनाया जा रहा है।
पटवारी द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन और पंचनामा भी इस तथ्य की पुष्टि करते हैं।
अधिकारियों ने ठोकी चुप्पी
सीमांकन रिपोर्ट आने के बाद भी सरपंच द्विवेदी ने तहसीलदार जवा, एसडीएम, कलेक्टर और यहां तक कि कमिश्नर रीवा तक को लिखित आवेदन दिए। लेकिन किसी अधिकारी ने कार्रवाई नहीं की और न ही कंपनी के काम पर रोक लगी।
उच्च न्यायालय की सख्ती
इस पर सरपंच ने उच्च न्यायालय जबलपुर में जनहित याचिका लगाई।
माननीय चीफ जस्टिस एवं जस्टिस विवेक जैन की बेंच ने दस्तावेजों का अवलोकन किया और सरकारी अधिवक्ता की ढिलाई पर नाराजगी भी जताई। न्यायालय ने साफ आदेश दिया था कि—
कमिश्नर रीवा दो सप्ताह में जांच करें और स्पीकिंग ऑर्डर पास करें।
दो दिन के भीतर याचिकाकर्ता को लिखित रिपोर्ट दी जाए।
कमिश्नर ने ठोका नियमों को दरकिनार
न्यायालय के आदेशों के बावजूद कमिश्नर श्री जामोद ने न तो जांच की और न ही आदेश का पालन किया।
इसी अवमानना पर सरपंच द्विवेदी ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की।
अब कमिश्नर से जवाब तलब
यह मामला न सिर्फ मरघट भूमि पर कब्जे का है बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि जब अदालत ने स्पष्ट आदेश दिए थे तो सरकारी अधिकारी क्यों चुप बैठे रहे।
माननीय उच्च न्यायालय ने इस मामले में कमिश्नर रीवा को चार सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने का आदेश जारी किया है।
इस प्रकरण की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सिंह बघेल द्वारा की जा रही है।92296 53295