बी पी एल कार्ड धारक को कंपनी का संचालक बता कर थमा रहे नोटिस

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पात्रता पर्ची धारक हो रहे परेशान, कार्यालय के लगा रहे चक्कर

रेवांचल टाइम्स मंडला राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 अंतर्गत बी पी एल कार्ड धारक पात्रता पर्ची (ई – राशन कार्ड ) प्राप्त pmgkay अंतर्गत निः शुल्क खाद्यान सरकार द्वारा शासकीय राशन दुकानो से फ्री अनाज लेने वाले बीपीएल हितग्राहियो की परेशानी बढ़ गई। उनके घर कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व ) खाद्य शाखा अनुविभाग मंडला से एक नोटिस जारी किया जा रहा है। नोटिस में गरीबो को पंजीकृत कंपनी का संचालक बताया गया है और पन्द्रह दिनो का समय जबाब देने के लिए कहा जा रहा है। नोटिस मिलने के बाद गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारो की समस्या बढ़ गई। अब उन्हे समझ नहीं आ रहा है कि नोटिस का जबाब कैसे दे। खास बात यह है कि एक ही तरह के नोटिस दर्जनों हितग्राहियो के एक साथ जारी किए गए है।
बताया गया है कि अभी विगत कुछ माह पहले ही भारत सरकार ने मुफ्त राशन पाने वाले गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले बीपीएल हितग्राहियों की ईकेवाईसी कराने के निर्देश दिए थे। इसको लेकर अनुविभाग स्तर पर सहकारी समितियो के द्वारा सेल्समैन के द्वारा कार्डधारको की ईकेवाईसी की प्रक्रिया पूरी की है। ईकेवाईसी कराने के बाद बीपीएल हितग्राहियों के आधार से लिंक बैंक खाते व पैन कार्ड मोबाईल नंबर से उनके इनकम की जानकारी ली गई ।अभी वर्तमान में बीपीएल कार्डधारको को नोटिस जारी किए जा रहे है। नोटिस में पात्रता पर्चीधारक का नाम के आगे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत सम्रग परिवार आईडी सदस्य आईडी की संख्या दर्शाकर उन्हे पंजीकृत कंपनी का संचालक बताया गया है। इस तरह के नोटिस लेने वाले बीपीएल हितग्राहियो के पसीने छूट रहे है। वे मजदूरी व दिहाड़ी कर अपना परिवार का भरण पोषण कर रहे है और सरकार से मिलने वाले नोटिस में उन्हे पंजीकृत कंपनी का संचालक बताया जा रहा है। इस वजह से वीपीएल हितग्राही परेशान है।बता दे कि जिले में संभावित 522 शासकीय उचित मूल्य दुकाने है। इसमें 51 समूह की दुकानें, 30 वनसमिति की दुकानें, 344 लेम्पस की दुकाने,24 शहरी दुकानें,73 भंडार ग्रह व अन्य दुकानें है। इन दुकानो के उपभोक्ता परिवार 2 लाख 25 हजार 725,उपभोक्ता संख्या 8 लाख 61 हजार 913 के लिए राशन आवंटन किया जाता रहा है।
सभी को एक ही तरह के नोटिस

बताया गया है कि मंडला जिले में लाखो की संख्या में राशन पात्रता पर्ची धारक है। इनमें हजारो की संख्या में बीपीएल धारक है। इनमें सैंकड़ो की संख्या में बीपीएल हितग्राहियो में एक ही तरह के नोटिस जारी किए गए है जिसमें उन्हें पंजीकृत कंपनी का संचालक बताया गया है। नोटिस में साफ कहा गया है कि पन्द्रह दिनो के भीतर नोटिस का जबाब दिया जाए। इसके बाद पात्रता पर्ची को प्रशासनिक कार्रवाई कर निरस्त कर दिया जाएगा।
तीन कैटेगिरी में नोटिस
बताया गया है कि ई केवायसी के बाद केंद्र सरकार ने अधिक आय वर्ग वाले हितग्राहियों की तीन कैटेगिरी में सूची जारी की है। इन्हें नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। जिले में गरीबी रेखा के कार्ड का उपयोग कर रहे ऐसे भी परिवार सामने आए हैं, जिनमें बेटा सरकारी नौकरी में है लेकिन माता पिता गरीबी रेखा के कार्ड धारक हैं। इसी तरह व्यापारी वर्ग भी है। जो लाखो के आसामी है। ऐसे राशन कार्ड निरस्त किए जा सकते हैं।
दिहाड़ी मजदूरो को भी नोटिस
दिया गया
बीपीएल कार्डधारक नीलू हरदाहा निवासी ग्राम बिनेका जो मजदूरी का का काम करती है नोटिस मिलने के बाद पता चल रहा है कि उनके नाम से पंजीकृत कंपनी में संचालक के पद पर कार्यरत होने के फलस्वरूप पात्रता श्रेणी में सम्मिलित होने की पात्रता नही रखते है । इसी तरह गीता पटेल ग्राम खारी और देवकी उईके ग्राम खारी और अन्य लोगो को भी एक जैसा पंजीकृत कंपनी में संचालक के पद पर कार्यरत होने का नोटिस जारी किया गया।

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