कालोनाइजर-नपा गठजोड़ से अवैध कॉलोनियां वैध, डेढ़ करोड़ उड़ाए गए सड़क-नाली पर
जिले के कालोनाइजर नगर पालिका से साठगांठ कर अबैध को बनाया जा रहा बैध
कॉलोनी विकसित करने एक्ट का पालन नहीं और नपा ने बना दिया डामरीकरण सड़क
सड़क व नाली में करीब डेढ़ करोड़ रूपए खर्च, सीएम अधोसंरचना फोर से किया जा रहा निर्माण

रेवांचल टाईम्स – मंडला जिले में इन दिनों अबैध कॉलोनी और कॉलोनाइजर की बाढ़ सी आई हुई है जहाँ पर लोगों को लूटने के लिए कृषि भूमि में मिट्टी मुरम डाल कर धड़ल्ले से प्लाटिंग की जा रही है और इन कालोनाइजर के द्वारा कॉलोनी विकसित करने विकास की कोई भी बैध अनुमोदन या अनुमानित नही ले रहे हैं और उक्त विभागों के ज़िम्मेदारों से साठगांठ कर कालोनी संचालित की जा रही हैं।
नगर पालिका क्षेत्र में धडल्ले बन रहे अबैध कॉलोनी जिम्मेदार मौन
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंडला नगर पालिका के अंतर्गत सरदार पटेल वार्ड क्रमांक 15 से लगी मलिकाना हक की अलग अलग कृषि भूमि को करीब डेढ़ दर्जन से अधिक लोगो ने प्लाट काट कर विक्रय कर दिया है। अब इन प्लाटो पर लगातार आवास बनने के बाद शारदा कॉलोनी का नाम दे दिया गया है। जहाँ कॉलोनी को विकसित करने के लिए कॉलोनाईजर एक्ट पालन तक नहीं किया गया। यहां तक बसाहट के बाद भू मलिको से विकास शुल्क तक पूरा जमा नहीं कराया गया और नगरीय निकाय ने सड़क व नाली का निर्माण शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं कॉलोनी के दायरे में आने रिक्त प्लाटो के सामने निकाय ने डामरीकरण सड़क बना दिया है।
बैध अबैध कालोनियो की जाँच करेगा कौन
वही जिले के नगर और उपनगर में वैध व अवैध प्लाटो की जांच जिला प्रशासन के द्वारा कराए जाने की मांग की जा रही है।
साथ ही बताया गया है कि सरदार पटेल वार्ड से लगी भूमि पर प्लाटिंग में आवास बनाने की अनुमति वर्ष 2010 से लेकर 2012 के बीच जिला प्रशासन के द्वारा दी गई। इस अनुमति के आड़ पर लगातार इस एरिया में लगातार प्लाटिंग जारी रही है। कुछ साल पहले ही प्लाटो में आवास बनने शुरू हुए है। बसाहट होने पर इस एरिया में कॉलोनाइजर एक्ट का पालन नहीं किया और शारदा कॉलोनी का नामकरण कर दिया गया। शासकीय भूमि धड़ल्ले से प्लाटिंग की गई। यहा प्लाट लेने वालो ने आवास बना लिए लेकिन सड़क बिजली पानी की सुविधाएं नहीं दी गई। इसको लेकर रहवासियो नाराजगी रही। वही कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओ की मांग को लेकर प्रदर्शन तक किए गए।
कॉलोनी के मामला पहुँचा न्यायालय
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कॉलोनी में रहवासियों के द्वारा अब न्यायालय की शरण लेने के बाद कुछ माह पहले ही नगरीय निकाय के द्वारा शारदा कॉलोनी के पूरे एरिया को वैध बताते हुए। निर्माण कार्य शुरू करा दिए गए है। आरोप है कि शारदा कॉलोनी में कॉलोनाइजर एक्ट का बिल्कुल भी पालन नहीं किया गया है। कृषि भूमि को बिना डायवर्ट विक्रय किया गया। यहां तक विकास शुल्क तक पूरा जमा नहीं कराया गया और नगरीय निकाय के द्वारा सड़क व नाली का निर्माण शुरू कर दिया।
कालोनाइजर के द्वारा नियमोँ की अनदेखी
वही नगर से लेकर कस्बों में तेजी से बन रही कालोनियो में शासन के कॉलोनाईजर एक्ट नियमो का माखौल बना दिया गया। आमजनो ने कॉलोनी की भूमि की जांच कराने मांग जिला प्रशासन से की है।
नगर पालिका ने बना दी सड़क और नाली
वही जो कालोनी नियंम अनुसार अबैध मानी जा रही थी जिसमे नगर पालिका मंडला ने सड़क नाली स्वीकृत कर दी है वही कुछ लोगो ने ये आरोप लगाया है कि नगर पालिका अध्यक्ष और अन्य लोगों की पार्टनर शिप पर आगे भी कालोनी का कार्य जारी है जिस कारण से नगर पालिका ने सड़क नाली की स्वीकृति प्रदान कर दी और 1.2169972 लाख से सड़क निर्माण
बताया गया है कि बारिश के सीजन में शारदा कॉलोनी में सड़क नहीं होने से रहवासियो को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता रहा है। यहां निकाय के द्वारा वैध अवैध की बिना जांच किए करीब 1.2169972 लाख़ रूपए डामरीकरण सड़क का निर्माण कराया गया है। निकाय में सीसी की जगह डामरीकरण सड़क का निर्माण कई सवाल खड़े कर रहा है। आमजनो का कहना है कि ठेकेदार के द्वारा उक्त 1900 मीटर की सड़क का कुछ सालो तक मेटेंनेस किया जाएगा। इसके बाद निकाय किस मद से सड़क का रखरखाव करेगी। यह गांरटी नहीं दी गई।
अधूरी नाली निर्माण से नाराजगी
बताया गया है कि शारदा कॉलोनी में सड़क निर्माण के साथ नाली का भी निर्माण किया जाना है लेकिन नगरीय निकाय के द्वारा नाली का निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है। यहां कुछ चिन्हित एरिया में नाली का निर्माण किया गया। कॉलोनी का बड़ा एरिया छोड़ दिया गया। नाली निर्माण में नगर पालिका के द्वारा 2544159 रूपए खर्च किए जा रहे है।
खाली पड़े प्लाटो के सामने भी सड़क
वही आमजनो का कहना है कि बिना कॉलोनाइजर एक्ट के शारदा कॉलोनी नही कहा जा सकता है। यहां तक अलग अलग लोगो की भूमि है जिसकी प्लाटिंग की गई। यहां निकाय के द्वारा उन रिक्त प्लाटो के सामने भी डामरीकरण सड़क का निर्माण करा दिया है जो विक्रय होने वाले या फिर भविष्य निर्माण कार्य कराने के आसार है। इस तरह मनमानी से करोड़ो रूपए खर्च कर विकास कार्य किए जा रहे है। इसको लेकर किसी का ध्यान नहीं है। और आज तक जो गरीब मेहनत कर के एक एक रुपये जोड़ कर गरीब एक अच्छे और खुद के सपनो का घर बना रहे पर उनकी कमाई में अबैध कॉलोनाइजर की नजर लग रही है और उन्हें लूटने के लिए कालोनाइजर बिना विभागों की अनुमति लेकर केवल खेतों में मुर्रम मिट्टी डाल कर और प्लाटिंग कर लोगों को बड़े बड़े सपने दिखा कर उनकी मेहनत की कमाई में लूट मंचा रखी हुई है और जिले के विभाग जिसने कॉलोनाइजर को कालोनी को विकास की अनुमति लेनी होती है पर उन विभागों से सांठगांठ कर उन्हें अभयदान देकर खुला छोड़ दिया है, और वह सस्ते सस्ते खेत और कृषि भूमि खरीद कर प्लाटिंग कर महंगे महंगे दामों में धडल्ले से बेच रहे हैं। आज मंडला की जनता अपने आप को इन कालोनाइजर से प्लाट लेकर लूटा और ठगा समझ रहे हैं।