रपटा पुल पर मिले चिकिन के अवशेष लाखो लोगो की आस्था को ठेस, कार्रवाई की मांग, कर रहें है पतित पावनी को गंदा
रेवाँचल टाईम्स – मंडला नगरीय निकाय को तीन दिशाओ से घेरे हुई पतित पावनी मां नर्मदा नदी में लाखो लोगो की आस्था का केंद्र है। जहाँ सुबह शाम प्रतिदिन दर्शन के लिए रेवा भक्त पावन तट में पूजा आरती दीपदान करने पहुंचते है। माँ को पूर्ण श्रद्वा से शीश झुका कर अपनी कामना करते है, लेकिन नगर के कुछ लापरवाह दुकान संचालक मीट मछली व चिकिन विक्रेताओं के ये अशोभनीय कृत्य ने लाखो लोगो की आस्था पर ठेस पहुंचाया है। लोगो में इस कृत्य से अज्ञात लोगो के द्वारा मां नर्मदा के रपटा पुल पर दुकानो से निकलने वाले चिकिन अवशेष मिला है। बड़ी मात्रा में चिकिन अवशेष रपटा पुल के रैंलिंग किनारे लोगो ने देखा है। इस कृत्य को लेकर आमजनो में नाराजगी देखी जा रही है। प्रशासन से उनकी मांग है कि पवित्र पुण्य सलिला में चिकिन के अवशेष फेंकने वालो पर कड़ी कार्रवाई की जाए। जिससे दोबारा येसे कृत्य करने से पहले सौ बार लोग सोचें ।
बताया गया है कि नगर पालिका और जिम्मेदारों की अनदेखी और लापरवाही से जिले में कानून व्यवस्था चोपट हो चुकी है और लोग भय मुक्त कृत्य कर रहें है वही नगर और ग्रामीण इलाको में बड़ी संख्या मीट मछली विक्रय करने की दुकाने खुली हुई है। इन दुकानो में स्वच्छता का कही कोई पालन नहीं किया जा रहा है। यहां तक शाम के समय दुकान बंद करने के बाद निकलने वाला चिकिन मीट के अवशेष का निष्पादन करने में मनमानी की जा रही है। और अब तो ये लोग नर्मदा नदी में फेकते नज़र आ रहें है किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा रपटा पुल पर से चिकिन के अवशेष फेंके जाने के आरोप लगाए जा रहे है। मंगलवार की सुबह चिकिन अवशेष रपटा पुल पर पड़े दिखे है। सूत्रो ने बताया है कि चिकिन अवशेष का नर्मदा नदी फेंका जा रहा है। बोरी रैलिंग से टकरा जाने के चलते अवशेष पुल पर गिर गए। अज्ञात लोगो ने कृत्य के बाद घबराहट में अवशेष का समेटना छोड़कर भाग निकले। जिससे किसी प्रकार की विवाद का सामना ना करना पड़े। पुल पर आवाजाही करने वाले सैंकड़ो राहगीरो ने चिकिन अवशेष देख आक्रोशित नजर आए। एक शिकायत नगर पालिका मंडला सीएमओ से की गई। सीएमओ गजानंद नाफड़े का कहना है कि मीट चिकिन विक्रेताओ पर कार्रवाई की जाएगी। नोटिस जारी किए जा रहे है।
वही इस कृत्य से माँ नर्मदा के भक्तों की आस्था के साथ खेला जा रहा है और मंडला जिले में माँ नर्मदा जी की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा हैं जहाँ एक तरफ़ माँ नर्मदा को पतित पावनी जीवंत नदी का दर्जा दिया गया है और तत्कालीन मुख्यमंत्री ने माँ रेवा को जीवन दायनी का दर्जा देकर रेवा के दोनों तटो में शराब की दुकाने बंद करते हुए बिक्री पूर्णतः प्रतिबंध किया गया है पर आज माँ नर्मदा की ओर न जिला प्रशासन ध्यान दे रहे है और न ही समाज सेवी और न ही जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहें जिस कारण से आज गन्दी वस्तुएं और मांस कचरे सरेआम फेका जा रहा है इसके पीछे शरारती तत्वों का क्या उद्देश्य है यह तो जाच पर निकल कर सामने आयेगा और नर्मदा भक्तों ने प्रशासन से माँग कर रहें की येसे लोगों पर कठोर और दंडात्मक कार्यवाही की जाये जिससे माँ नर्मदा की पवित्रा बनी रहे ।