संबल योजना का लाभ दिलाने सचिव ने ली रिश्वत


फरयादी ने शपथ पत्र लिख कर की भ्रस्ट रिश्वत खोर सचिव पर कार्यवाही की मांग

रेवांचल टाईम्स – मंडला, आदिवासी जिले में न भ्रष्टाचार रुक रहा है और न ही सरकारी योजनाओं में लाभ दिलाने अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा खुलेआम रिश्वत की माँग आज रिश्वत वह दीमक है जो आज सभी सरकारी कार्यालय में लग चुकी है और गरीबो की कोई सुनने वाला नही है और वह आज किसी सरकारी योजनाओं के लिए खुलेआम रिश्वत की माँग की जा रही है और रिश्वत न देने पर लोगो को परेशान किया जाता है उनका समय मे काम नही किया जाता है और यहां तक अगर आप इन्हें रिश्वत नही देते है तो शासन से मिलने वाली योजनाओं का लाभ वाली सूची से आपका नाम कब कट जाजेगा ये पता भी नही चलेगा ओर फिर ढेर बहाने की सर्वर नही चल रहा है अभी हम मीटिंग में ओर आपकी फाइल लग गई है जल्द आपका काम हो जायेगा ऐसे कहते कहते महीने सालों बीत जाते है और अगर आप इनकी शिकायत उनके बरिष्ठ अधिकारियों की तो फिर आपका काम होना तो छोड़ो रिश्वत के रेट दुगने हो जाते है इस जिले में कब विकास होगा कब तक लोगो को जनकल्याणकारी योजन मिल पायेगी और कब इस जिले की जनता को न्याय मिल पायेगा।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत भुआ बिछिया के अंतर्गत ग्राम मनोहरपुर के पोषक ग्राम किसली रैयत निवासी महिला दशमा बाई उम्र 42 वर्ष ने ग्राम पंचायत सचिव पर रिश्वत लिए जाने का गंभीर का आरोप लगाते हुए बताया मेरे पति स्वर्गीय महेश धुर्वे जाति गोंड निवासी किसली रैयत की मृत्यु 17.07.2023 को ग्राम किसली रैयत तहसील बिछिया जिला मंडला में हो चुकी है वही शासन की योजना के द्वारा संबल योजना अंतर्गत शासन से प्राप्त होने वाली ₹200000 आर्थिक सहायता राशि संबंधित कार्यालय संस्था अथवा विभाग से दशमा बाई को प्राप्त हो चुकी है किंतु ग्राम पंचायत सचिव जमुना प्रसाद साहू के द्वारा दशमा बाई के ऊपर दबाव बनाकर ₹10000 रूपए की राशि रिश्वत लिया गया है जिसके दबाव बस राशि के बापसी लेने हेतु किसी भी थाना व कोई भी न्यायालय में कानूनी न्यायिलिन कार्रवाई नहीं किया गया है दशमा बाई के द्वारा बताए गए की मेरे पति की मृत्यु के उपरांत मेरी आर्थिक परीस्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है तथा भविष्य में आर्थिक स्थिति खराब होने का पूर्ण संभावना है ऐसी स्थिति में संबंधित कार्यालय से ग्राम पंचायत सचिव जमुना प्रसाद साहू से उक्त राशि वापस करने एवम अन्य सभी अनियमितता की जांच करते हुए कठोर कार्यवाही करते हुए दंडित करते हुए राशि वापिस करवाई जावे के वास्ते शपथ पत्र संबंधित कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी के पक्ष में निष्पादित किया।
वही इस शिकायत व लिखित स्टाप में रेवांचल की टीम ने सरपंच सुखंती मरावी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिछिया से बात करनी चाही और इस संबंध में उनका पक्ष रखना चाहा तो सरपंच के द्वारा कॉल रिज़वी नही किया और सी ईओ रमेश मंडावी जी का मोबाइल बंद होने के चलते उनका पक्ष नही रखा जा सका पर अब बड़ा सवाल यह कि आखिर कब तक इन सरकारी कार्यालयों में बैठे भ्रष्टाचार के भस्मासुरो पर जिम्मेदार जिला प्रशासन कब जागेगा और इन जैसे रिश्वत खोर भ्रस्टो पर कार्यवाही कर दण्डित करेगा ।

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