गुरु का पुतला दहन करना न केवल हमारी संस्कृति के खिलाफ है, बल्कि यह छात्रों के मनोबल और आस्था पर भी गहरी चोट है।

रेवाँचल टाईम्स- मंडला, नैनपुर में शासकीय महाविद्द्यालय नैनपुर में गुरु के पुतला दहन की योजना में, संलिप्त सगठन की मानसिकता ने स्पष्ट किया हैं कि राष्ट्रीयता की वाचन करने वाले ही लोग आज गुरु का अपमान कर रहें हैं । चूकि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि माना गया है और ऐसे अपमानजनक कृत्य को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। गुरु वह शक्ति हैं जो अज्ञानता को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। ऐसे में गुरु का पुतला दहन करना न केवल सामाजिक नहीं बल्कि नैतिक दृष्टि से भी इसे महापाप माना जाता हैं | इस पुरे घटना में शासकीय स्नातक महाविद्द्यालय में निजी स्वार्थ की राजनीति घुसपैठ करने लगी है। बताया जा रहा है कि कुछ सगठनो के लोगों द्वारा प्राचार्य का पुतला दहन किया गया, क्योंकि उनके व्यक्तिगत स्वार्थ और अपेक्षाएँ पूरी नहीं की गईं। यह घटना न केवल अनुचित है बल्कि शिक्षण संस्थान की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाली है। महाविद्द्यालय में अध्ययनरत छात्रों ने इसे बेहद निंदनीय कृत्य बताते हुए कहा कि गुरुजनों और शिक्षा से जुड़े पदों का इस प्रकार अपमान करना समाज में गलत संदेश देता है। शिक्षण संस्थान में किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत राजनीति या निजी स्वार्थ के लिए दबाव बनाना शिक्षा व्यवस्था पर कुठाराघात है।

प्राचार्य का पुतला दहन, निजी स्वार्थ की पूर्ति न होने पर किया गया विरोध – बेहद निंदनीय

घटना की जानकारी लगते ही छात्र सघ के छात्रों सहित समाज के वरिष्ठजनों ने ऐसे घटनाक्रमों पर कठोर कार्यवाही करने और शिक्षा के माहौल को सुरक्षित बनाए रखने की बात रहें हैं ।

वरिष्ठ समाजसेवी शुभकरन पांडे ने कहा, “गुरु ही हमारे जीवन के पथप्रदर्शक हैं। उनका अपमान करना किसी भी हालत में उचित नहीं है। यह कार्य समाज की आत्मा पर प्रहार है।”

छात्रा रागनी पूसाम ने कहा, “हम गुरुजनों से शिक्षा पाकर आगे बढ़ते हैं। पुतला दहन जैसी घटनाएँ छात्रों में गलत संदेश देती हैं। इस तरह की गतिविधियों से दूर रहना चाहिए।”

GSU छात्र नेता रोहित सरोते ने कहा, “गुरु का अपमान करने वालों पर शिक्षा के प्रकाश कभी उत्पन्न नहीं होता । ऐसे कृत्य में शामिल होना महापाप है और इसका दुष्परिणाम समाज को भुगतना पड़ता है।” ऐसे कृत्य का घोर विरोध करते हैं जल्द ही निंदा प्रस्ताव करेंगे |

छात्र संगठनों का आरोप है कि गुरु का पुतला यह कृत्य गुरु-शिष्य परंपरा पर सीधा हमला है और इसमें शामिल लोग पाप के भागीदार होंगे और उनका मकसद छात्र हित नहीं, बल्कि सत्ता की सस्ती राजनीति करना है।”

गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन करेगा निंदा प्रस्ताव

नैनपुर कॉलेज में निजी स्वार्थ की पूर्ति न होने पर प्राचार्य का पुतला दहन किए जाने की घटना को लेकर अब गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन ने कड़ा रुख अपनाया है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा के मंदिर में इस तरह की राजनीति और व्यक्तिगत स्वार्थ की पूर्ति के लिए किया गया पुतला दहन बेहद निंदनीय है। यूनियन ने कहा कि प्राचार्य जैसे शिक्षा जगत से जुड़े पदों का अपमान समाज और विद्यार्थियों दोनों के लिए गलत संदेश देता है। इसलिए संगठन इस प्रकरण की घोर निंदा करते हुए औपचारिक निंदा प्रस्ताव पारित करेगा। साथ ही प्रशासन से ऐसे कृत्यों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग भी रखी जाएगी।

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