200 साल पुराना खेरमाई मंदिर जीर्ण शीर्ण, , पेड़ के नीचे खुले में रखी है 200 साल पुरानी मूर्तियां

खितौला वार्ड 16 में स्थित है ये ऐतिहासिक बखरी वाली खेरमाई मंदिर

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दैनिक रेवांचल टाइम्स – सिहोरा एवं उपनगर खितौला में दशहरा पर्व को लेकर जगह-जगह माता महाकाली एवं दुर्गा प्रतिमा विराजमान है , खितौला उपनगर के वार्ड क्रमांक 16 में एक ऐसा ऐतिहासिक मंदिर है जिसमें विराजित मूर्तियां लगभग 100 से 200 साल पुरानी है ,बखरी वाला खेरमाई मंदिर सिहोरा एवं खितौला का सबसे पुराना मंदिर कहलाता है, इस मंदिर के बारे में बताया जाता है, कि ब्रह्मा दत्त शुक्ला खानदान के जमीदार निरंजन शुक्ला ने खेरमाई मंदिर को जमीन दान की थी, लेकिन मंदिर अपनी दुर्दशा के आंसू बहता आज भी मौजूद है ,और अव्यवस्था का शिकार है ,जीर्णशीर्ण अवस्था में है,, और अपने कायाकल्प के लिए विधायक कार्यालय एवं नगर पालिका की सहायता का इंतजार कररहा है कि कोई पार्षद,, नगर पालिका अध्यक्ष ,,विधायक या सांसद अपनी निधि से इस मंदिर का कायाकल्प करवा दे,,, इस बात को लेकर स्थानीय निवासियों में रोष व्याप्त है, धर्मप्रेमी जनता चाहती हैं की ऐतिहासिक धरोहर बखरी वाली खेरमाई मंदिर का पुनरुद्धार किया जाए,इसी प्रकार बखरी के पास एक और मंदिर है,जिसमें शहर से सटी 7 एकड़ बेशकीमती जमीन शुक्ल बंधुओं ने दान दी थी,
लेकिन मंदिर के व्यवस्थापक एवं भूमाफिया के गठजोड़ ने मंदिर को दूसरी जमीन दे दी और दान की हुईं जमीन की अपने नाम रजिस्ट्री करवा कर प्लाटिंग कर रजिस्ट्रियां कर रहे है,और करोड़ों में खेल रहे है,वर्तमान में कलेक्टर की रोक के बावजूद ताल, तलैयों में दर्ज भूमि की प्लाटिंग वर्तमान में जारी है,और रजिस्ट्रियां हो रही है,और भू माफियों की बल्ले बल्ले है!
रिजवान मंसूरी कि ग्राउंड रिपोर्ट

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