कार्यों के प्रति सजग है गनवीर एक नहीं तीन राजस्व मंडलों का संभाल रहे कार्य

रेवांचल टाईम्स – सिवनी/लखनादौन – राजस्व विभाग में हर तरह के कर्मचारी मौजूद है। कौई कार्य के प्रति सजग है ।तो कोई लापरवाह! यूं कहें तो कई कर्मचारी अपने कार्यों को लेकर बहुत ज्यादा इमानदार है। तो वहीं कई कर्मचारी अधिकारियों की जीहाजूरी में ही व्यस्त हैं। वर्तमान समय में राजस्व विभाग में जमीनों की नपती को लेकर विभागीय कर्मचारी बहुत वयस्त है ।तो वहीं कुछ तो अपनी अफ़सरगिरी दिखाने में ही लगे हुए हैं।
वहीं सिवनी जिले के लखनादौन में पदस्थ राजस्व निरीक्षक नरेन्द्र गनवीर डियुटी समय से पहले सुबह होते ही अपने सर्किलों के पटवारीयो को लेकर फील्ड में सीमांकन प्रकरणों के निराकरण करने पहुंच जाते हैं। तहसील लखनादौन के अंतर्गत सैकड़ों की तादाद में सीमांकन प्रकरणों के आवेदन किसानों के द्वारा प्रस्तुत किए गए हैं।जिनके निराकरण समय सीमा में किये जाने है।नहीं तो आने वाले दिनों में मानसून व वर्षों की वजह से सीमांकन प्रकरणों के निराकरण नहीं हो सकेंगे। तहसील स्तर पर सीमांकनो के बड़ी संख्या में दर्ज आवेदनों के निराकरण को लेकर जिला प्रशासन के द्वारा भी निर्देश दिए जा चुके हैं।कि समय सीमा में ही प्रकरणों का सतप्रतिशत निराकरण किया जाये। जिला प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारियों के दिशा निर्देशों पर लखनादौन राजस्व निरीक्षक नरेन्द्र गनवीर हमेशा ही निरंतर सुबह से ही पटवारियों के साथ सीमांकनो के प्रकरणों के साथ -साथ अनुविभागीय राजस्व कार्यालय के रिकार्ड दुरुस्ति व जांच के प्रकरणों के निराकरण करने में लग जाते हैं।इतना ही नहीं नरेंद्र गनबीर लखनादौन राजस्व निरीक्षक मंडल के साथ साथ छपारा तहसील के दोनों मंडलों छपारा व चमारी के अतिरिक्त चार्ज में है। जहां लखनादौन के साथ ही छपारा के न्यायालयीन प्रकरणों और कार्यालय के कार्यों को समय पर पूरा करने में लगे रहते हैं। अपने कर्तव्यों के प्रति सजग और सचेत रहने वाले राजस्व निरीक्षक शासकीय कार्यों को पूरा करने में अपनी एहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसा नहीं है की अन्य सर्किलों के भी काम इन्हें नहीं मिलते। धूमा व आदेगांव न्यायालयीन और कार्यालयो के कुछ प्रकरणों में पक्षकारो के आवेदन पर स्थानीय अधिकारी कर्मचारियों से निष्पक्ष जांच नहीं हो पाने पर अधिकारीयो के द्वारा इन्हीं महाशय को निष्पक्ष जांच की बागडोर थमा दी जाती है। जबकि लखनादौन तहसील की धूमा और आदेगांव सर्किलों में पदस्थ राजस्व निरीक्षक अपने मंडल कार्यालयो में और फिल्ड पर निर्धारित एक-दो दिनों में ही नजर आते हैं। सप्ताह के अधिकांश दिनों में तो ये लखनादौन तहसील मुख्यालय पर ही अपनी अफ़सरगिरी दिखाने में लगे रहते हैं।यही कारण है कि क्षेत्र के किसान अपने कार्यों को लेकर भटकते भटकते लखनादौन पहुंच जाते हैं। राजस्व निरीक्षक धूमा सर्किल में सप्ताह में एक दिन गुरुवार को अपनी हाजिरी लगाकर अधिकारियों में अपनी पैठ बनाने वाले हीरालाल धुर्वे बाकी के दिनों में लखनादौन में ही नजर आते हैं। यदि किसी किसान को इनके हस्ताक्षर या अन्य कार्यों को लेकर जरूरत पड़ जाए तो यह उन्हें सीधे लखनादौन बुला लेते हैं। इस तरह के अधिकारियों की कार्यप्रणाली और कार्यों के प्रति लापरवाही व निष्पक्षता को लेकर पक्षकारो और किसानो के भरोसे पर खरा नहीं उतर पा रहे हैं। वहीं जिस तरह लखनादौन के राजस्व निरीक्षक लगन से सुबह से ही पटवारियों के साथ सीमांकन प्रकरणों के निराकरण में लगे रहते हैं। यह गिने-चुने प्रकरणों में ही प्रभाव की दम पर अपनी भूमिका अदा करने पहुंचते हैं। बहरहाल जो भी हो लेकिन शासकीय कार्यों में रुचि और अपनी लग्न से कार्य करने वाले राजस्व निरीक्षकों में यदि बात होगी तो नरेंद्र गनबीर की बात सबसे पहले की जाती है। वहीं गृह अनुभाग में पदस्थ राजस्व निरीक्षक के मामले में प्राप्त जानकारी के मुताबिक सिवनी जिले में एकमात्र राजस्व निरीक्षक धूमा सर्किल में पदस्थ हैं।जो पिछले सात आठ वर्षो से गृह अनुभाग में पदस्थ रहकर अपनी अफसरगिरी में लगे हुए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग मध्य प्रदेश शासन के द्वारा गृह अनुभाग में पदस्थ राजस्व निरीक्षकों पर स्थानांतरण नीति के तहत कार्रवाई करने के आदेश निर्देश जारी हो चुके हैं। शासन प्रशासन को गंभीरता दिखानी चाहिए और ऐसे अधिकारियों को जिले से अन्यत्र अन्य जिले में इनकी पद स्थापना की जानी चाहिए।