विद्या महाशक्ति पीठ के विसर्जन चल समारोह में भव्य आतिशबाजी तो शानदान संगीत से धर्मप्रेमी हुए मंत्रमुग्ध

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रेवाँचल टाईम्स- मण्डला, जिले में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्री सिद्ध सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति बड़ी खैरी के द्वारा स्थापित विद्या महाशक्ति पीठ का भव्य विसर्जन चल समारोह शरद पूर्णिमा के दिन भव्यता से निकाला गया। जो बड़ी खैरी से पड़ाव चिलमन चौंक, बस स्टैंड, लालीपुर, बैगा-बैगी चौंक से होते हुए रेडक्रॉस, बड चौराहा, उदय चौंक के साथ नगर भ्रमण करते हुए विसर्जन स्थल नावघाट पहुंचा जहां पर विधि विधान से पूजन अर्चन करते हुए मातारानी का विसर्जन किया। इस बार के विसर्जन चल समारोह में हजारों की संख्या में धर्मप्रेमी शामिल हुए। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर बड़ी खैरी स्थित श्री सिद्ध दुर्गोत्सव समिति द्वारा माता विद्या महाशक्ति पीठ का भव्य विसर्जन चल समारोह बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाला गया। चल समारोह का शुभारंभ दोपहर 12 बजे विद्या महाशक्ति पीठ से हुआ जहां विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद माता की प्रतिमा को सुसज्जित रथ पर विराजित कर मुख्य मार्गों से नगर भ्रमण कराया गया। जैसे ही प्रतिमा जुलूस मुख्य सडक़ों से गुजरी, श्रद्धालु फूल बरसाकर माता का स्वागत करते नजर आए। कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण छत्तीसगढ़ से आई अखंड महाकाली झांकी रही जो अपने 80 साथियों के साथ यहां पहुंची थी। वहीं मशहूर सुनील ब्रश बैंड अपने 70 कलाकारों के साथ देवी गीतो को गाते नजर आए। तो नागपुर से जेबी ढोल से नगर गूंज उठा तो वहीं भूतनाथ शंकर जी की चलित झांकी ने लोगो का मन मोह लिया और लोग फोटो सैल्फी लेते नजर आए वहीं किशन डीजे 40,000 वॉट साउंड सिस्टम जिसने भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। पूरे मार्ग पर मुंबई से आए रंगोली कलाकारों ने अपनी मनमोहक कलाकृतियों से स्वागत द्वार सजाए जबकि अरिहंत इवेंट द्वारा की गई भव्य आतिशबाजी ने आसमान को रोशनी से भर दिया। समिति के अध्यक्षों एवं सदस्यों ने बताया कि यह चल समारोह मां के प्रति अटूट भक्ति और समाज की एकता का प्रतीक है। माता के दर्शन और विसर्जन में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी ने पूरे हर्षोल्लास के साथ सहभागिता की। इस वर्ष विद्या महाशक्ति पीठ में मां के दस दिव्य स्वरूप मां धूमावती, मां कमला, मां काली, मां बगलामुखी, मां मातंगी, मां तारा, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां षोडशी और मां छिन्नमस्ता की स्थापना की गई थी, जिनके दर्शन के लिए पूरे नवरात्रि के दौरान भक्तों का तांता लगा रहा। बड़ी खैरी का यह दुर्गोत्सव शारद पूर्णिमा पर अपने चरम पर पहुंचा जहां श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिला। विद्या महाशक्ति पीठ उन देवियों में एक है जो समस्त शक्तियों की अधिष्ठात्री मानी जाती हैं। यह पीठ मां के दस दिव्य स्वरूपों का प्रतीक है जहां मां के रूप में शक्ति, ज्ञान, समृद्धि, करुणा और न्याय का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। माना जाता है कि यहां की आराधना करने से साधक को न केवल सांसारिक सुख की प्राप्ति होती है बल्कि आत्मिक शांति और सिद्धि भी प्राप्त होती है। यह स्थान भक्तों के लिए आस्था साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बन चुका है, जहां हर वर्ष हजारों श्रृद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए माता के चरणों में नतमस्तक होते हैं।

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