शीतलपानी गांव में शिक्षक ने मेहनत से कक्षा में बनाई लाईब्रेरी, लगभग तीन सौ पुस्तकों की उपलब्धता

रेवांचल टाइम्स बजाग – विकासखंड के संकुल केंद्र चांडा के माध्यमिक शाला शीतलपानी में शिक्षकों और बच्चों की जागरूकता के चलते विद्यालय के एक कक्षा को लाईब्रेरी के रूप में बदल दिया गया है। विद्यालय के शिक्षक और बच्चों के प्रयास से यहां लगभग 300 पुस्तकों की उपलब्धता है, जिसमें महापुरुष, स्वतंत्रता सेनानी, चित्रकला, चुटकुले, जनरल नॉलेज, लेखक और कहानीकार की पुस्तकें उपलब्ध है। इसके अलावा विद्यालय में नक्शे के माध्यम से पढाई और भूगोल का भौतिक ज्ञान कराया जा रहा है वहीं दूसरी ओर औषधीय जड़ी-बूटी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवनशैली को चित्रकला के माध्यम से बनाकर म्यूजियम भी बनाया है। नेटवर्क और सुविधा विहीन बैगाचक क्षेत्र की यह पाठशाला के शिक्षक श्री मोती लखीरा की लगन और मेहनत अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।