बिना अनुमति काटी जा रही है कॉलोनी, पिंडरई-नैनपुर रोड पर खसरा नंबर 311/1 की ज़मीन पर पनप रही अवैध कॉलोनी, कृषि भूमि में ठेकेदार काट रहा प्लॉट, प्रशासन मौन!
रेवांचल टाईम्स – मंडला, जिले के नगर से लेकर ग्रामीण अँचलों में कुकरमुत्तों की तरह कालोनाइजर पैदा हो चुके है जो खेती वाली भूमि को एकड़ में लेकर वर्गफीट में महंगे महंगे दामो में बेच रहे है जिसकी विभाग की कोई अनुमतियां नही होती है बस लोगो को ठगने के लिए बड़े बड़े सपने दिखा कर उनके गाढ़ी मेनहत से कमाई में डाका डाल कर अपनी तिजोरी भर रहे है और लोगों को ठग कर फिर नई भूमि की तलाश में लग जाते ये कालोनाइजर दिन दुगनी रात चौगनी तरक़्क़ी कर रहे है और जिला प्रशासन से लेकर अनुमतियां देने वाले विभाग के साथ साथ राजस्व अमला लोगों को लूटने के लिए इन पर कोई कार्यवाही नही कर रहा है, सब के सब मूकदर्शक बन देख रहे है।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नैनपुर के ग्राम पिंडरई-नैनपुर रोड पर अवैध कॉलोनाइज़ेशन का एक और मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, खसरा नंबर 311/1, रकबा 1.89 हेक्टेयर भूमि पर एक ठेकेदार द्वारा बिना किसी लाइसेंस या स्वीकृति के कॉलोनी विकसित की जा रही है।राजस्व अभिलेखों के मुताबिक यह भूमि अभी तक कृषि भूमि के रूप में दर्ज है, बावजूद इसके ठेकेदार द्वारा यहाँ प्लॉट काटकर बिक्री की जा रही है। बताया जा रहा है कि वह रोड, पानी, बिजली जैसी झूठी सुविधाओं का दिखावा कर भोले-भाले ग्रामीणों को गुमराह कर उनके मेहनत से कमाए पैसों को लूटने की तैयारी में लगा हुआ है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राजस्व विभाग और नगर प्रशासन इस अवैध गतिविधि पर मौन बने हुए हैं। अवैध कॉलोनाइज़र खुलेआम प्लॉटिंग कर रहे हैं, लेकिन अब तक अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि —
1. अवैध कॉलोनी निर्माण पर तुरंत रोक लगाई जाए।
2. ज़मीन को मूल कृषि उपयोग में बहाल किया जाए।
3. संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
सूत्रों के मुताबिक विभाग ने मामले की जांच प्रारंभ कर दी है। यदि जांच में उल्लंघन सिद्ध हुआ, तो ठेकेदार पर मध्यप्रदेश भू-उपयोग एवं अवैध कॉलोनाइज़ेशन अधिनियम के तहत जुर्माना और जेल की कार्रवाई की जा सकती हैं।