कलेक्टर श्री नारायन ने ली स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक

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रेवांचल टाईम्स – गर्भवती माताओं और शिशुओं के स्वास्थ्य की गंभीरता से निगरानी के निर्देश दिए जन्मप्रमाण पत्र जन्म के 48 घंटों के अंदर मिल सके, बनाएं ऐसी व्यवस्था – कलेक्टर श्री नारायन कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में मुख्य रूप से महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित दैनिक गतिविधियों, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना तथा पोषण ट्रैकर के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की गहन समीक्षा की गई। साथ ही गर्भवती माताओं और शिशु स्वास्थ्य को बेहतरी के लिए दोनों विभागों को अच्छे समन्वय के साथ कार्यप्रणाली में सुधार करते हुए गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री नारायन ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लक्ष्यों की समय सीमा में पूर्ति पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए दोनों विभागों को बेहतर आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुँच सके और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित किया जा सके।
कलेक्टर श्री नारायन ने यह भी निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारी फील्ड स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करें तथा पोषण, स्वास्थ्य और मातृ-शिशु कल्याण से जुड़ी गतिविधियों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करें।

48 घंटे के अंदर बन जाए जन्मप्रमाण पत्र – बैठक में बताया गया लाडली लक्ष्मी योजना के तहत पंजीयन में जन्मप्रमाण न होने की समस्या आ रही है। निजी अस्पतालों में जन्मे बच्चों के जन्मप्रमाण पत्र संबंधित स्थानीय निकाय के माध्यम से तैयार किए जाते हैं, जबकि शासकीय अस्पतालों में जन्मे बच्चों के संबंधित अस्पताल से ही बनाए जाते हैं। कलेक्टर श्री नारायन ने निर्देश दिए कि सीएमएचओ ऐसी व्यवस्था बनाएं कि शासकीय अस्पतालों में जन्मे बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र अधिकतम 48 घंटों के अंदर बनकर तैयार हो जाएं। जिससे विभिन्न योजनाओं का समय पर लाभ हितग्राहियों को प्रदाय किया जा सके।

प्रत्येक सप्ताह रिव्यू के निर्देश – बैठक के दौरान जानकारी में आया कि स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास के वरिष्ठ जिला अधिकारियों द्वारा माह में केवल दो बार विभाग की समीक्षा की जा रही है। इस पर कलेक्टर श्री नारायन ने नाराजगी जताई और प्रत्येक सप्ताह विभाग के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों और गतिविधियों में लक्ष्यपूर्ति की समीक्षा के निर्देश दिए, जिससे अपेक्षित प्रगति आ सके।

बिछुआ टीम के प्रयासों को सराहा – बीते दिनों सिकल सेल एनीमिक एक गर्भवती महिला एवं उसके बच्चे को बचाने के लिए स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की टीमों द्वारा किए गए प्रयासों की कलेक्टर श्री नारायन ने सराहना की और बधाई दी। साथ ही इसी तरह हर एक हाई रिस्क प्रेग्नेंसी प्रकरण पर पूरी नजर रखने के निर्देश दिए, जिससे जिले में मातृ मृत्यु की घटना शून्य की जा सके।

समय पर वितरित हो टी.एच.आर – पोषण ट्रेकर की समीक्षा के दौरान अन्य जिले से जिले में पहुंचने वाला टेक होम राशन समय पर प्राप्त नहीं होने की जानकारी सामने आई। इस पर कलेक्टर नारायन ने जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास एवं संबंधित सीडीपीओ पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि आगामी माह से संबंधित जिलों के आधिकारियों से समन्वय कर जिले में समय पर टी.एच.आर पहुंचाना सुनिश्चित कराएं। साथ ही जितना टी.एच.आर. प्राप्त हो गया है, यथाशीघ्र शत-प्रतिशत वितरण हितग्राहियों को सुनिश्चित करें।
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों में रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने, पोषण वाटिकाओं का निर्माण, शौचालय निर्माण, अपार आईडी जनरेशन आदि की भी समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
उपस्थिति – बैठक में सीएमएचओ डॉ.नरेश गोन्नाडे, सिविल सर्जन डॉ.सुशील दुबे, जिला क्षय अधिकारी डॉ.अर्चना कैथवास, एसएनसीयू नोडल अधिकारी डॉ.अंशु लांबा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.एल.एन. साहू सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजेश कुमार शिवहरे, सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास डॉ.मोनिका बिसेन, सभी विकासखंडों के खंड चिकित्सा अधिकारी, बीपीएम, बीसीएम एवं सीडीपीओ उपस्थित थे।

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