कब्ज को करना है जड़ से खत्म? पवनमुक्तासन को डेली रूटीन में करें शामिल, मिलेगा फायदा

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अच्छी सेहत के लिए संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर खानपान जरूरी होता है लेकिन बिगड़ती लाइफस्टाइल में डाइट का सही तरह से ख्याल नहीं रख पाते है। कब्ज की समस्या, हर वर्ग के लोगों के बीच होने वाली एक सामान्य समस्या है। जिसके मामले आए दिन सामने आ जाते है। कई बार पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीने या अनुचित खानपान रखने और फिजिकल एक्टिविटी कम रखने से कब्ज की समस्या बढ़ती है। इस समस्या पर छुटकारा पाने के लिए आप योगासन का सहारा ले सकते है। योगासन में कई आसन है जो इस समस्या से राहत दिलाने का कार्य करती है।

रोजाना करें पवनमुक्तासन का योग

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने को लेकर जोर दिया गया है। इसमें ही ‘पवनमुक्तासन’ एक सरल लेकिन प्रभावी आसन है जो पेट की कई समस्याओं से निजात दिला सकता है। ‘पवन’ का अर्थ वायु और ‘मुक्त’ का अर्थ छोड़ना या मुक्त करना है। नाम से ही पता चलता है कि यह आसन पेट और आंतों से फंसी हुई वात को बाहर निकालने में मदद करता है। यह आसन कब्ज को जड़ से खत्म करता है, वात दोष से राहत देता है और पेट की सूजन या फैलाव को कम करता है। अगर आप इस आसन को नियमित रूप से करते है तो, पाचन क्रिया आपकी मजबूत होती है। इसके अलावा भोजन अच्छी तरह पचता है और शरीर में ऊर्जा बढ़ती है। जो लोग कुर्सी पर बैठकर लंबे समय तक काम करते है या अनियमित खानपान रखते है वे इस आसन को कर सकते है।

जानिए पवनमुक्तासन करने का तरीका

आप घर पर रोजाना इस योगासन पवनमुक्तासन को कर सकते है। इसके लिए इसके लिए पीठ के बल जमीन पर लेट जाएं। दोनों पैर सीधे रखें, हाथ शरीर के साथ। गहरी सांस भरें और दाहिना घुटना मोड़कर छाती से सटाएं। इसके बाद दोनों हाथों से घुटने को गले से लगाएं। सांस छोड़ते हुए सिर उठाकर नाक को घुटने से स्पर्श करें। इसके बाद 10-20 सेकंड तक रुकें और सामान्य सांस लें। इसके बाद दाहिना पैर सीधा करें और बायां घुटना दोहराएं। अंत में दोनों घुटने मोड़कर छाती से लगाएं, सिर उठाकर नाक को घुटनों से स्पर्श करें और 30 सेकंड रुकें। इसे सुबह के समय खाली पेट करना सबसे अच्छा है।

जानिए पवनमुक्तासन करने के लाभ

अगर आप पवनमुक्तासन करते है तो इसके कई तरह के लाभ मिलते है। इस योग को करने से कब्ज दूर होती है, आंतें साफ रहती हैं। वात, एसिडिटी और अपच में आराम मिलता है, पेट की चर्बी कम होती है, रीढ़ की हड्डी मजबूत बनती है और तनाव कम होता है। महिलाओं के लिए भी यह आसन और लाभदायी है। अनियमित पीरियड्स की समस्या से भी यह निजात दिलाता है। लीवर और किडनी भी स्वस्थ रहते हैं।

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