आंगनबाड़ी सहायिका चयन सूची में पहले नंबर पर नाम होने पर भी नियुक्ति नहीं होने पर द्रोपती पहुंची जनसुनवाई

रेवांचल टाईम्स – मंडला, जिला महिला बाल विकास कार्यालय हमेशा की तरह इस बार भी नियुक्ति को लेकर शुर्खियो में नज़र आ रहा हैं पात्र भटक रहे है और अपात्र अपनी बाहुबल और रसूखदार रवैये के चलते पद हासिल करने के आरोप हमेशा से लगते चले आ रहें हैं पर बस एक ही रटा रटाया जाबाब की जाँच की जायेगी पर ये जाँच होती कब है कौन करता हैं और निष्कर्ष कब आता हैं ये शिकायत कर्ता कभी भी पता नही चलता है।
वही मंडला जिले के परियोजना मोहगांव के उमरडीह आंगनबाड़ी केंद्र सहायिका के लिए जारी अंतिम सूची में द्रोपती का नाम पहले होने के बाद भी बिना आवेदन किए हल्की बाई के नाम आदेश जारी कर दिए जाने से दर-दर भटकने मजबूर द्रोपती पहुंची जनसुनवाई_
मोहगांव विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़झर के पोषक ग्राम उमरडीह की रहने वाली द्रोपती बाई उलाड़ी आंगनबाड़ी केंद्र उमरडीह में सहायिका पद पर नियुक्ति के लिए मोहगांव परियोजना कार्यालय का सैकड़ों चक्कर लगाते दो वर्षों से भटक ही रही है। आखिर मजबूर होकर द्रोपती मंगलवार 18 नवंबर को जनसुनवाई और जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग मण्डला पहुंचकर समस्या निदान के लिए आवेदन दिया है। कलेक्टर और कार्यक्रम अधिकारी के नाम लिखे आवेदन के अनुसार बड़झर ग्राम पंचायत के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र उमरडीह की सहायिका पद के लिए द्रोपती ने दो साल पहले आवेदन किया था। चयन के बाद महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय मोहगांव के द्वारा समाचार पत्रों में प्रकाशन करने के लिए जिला जनसंपर्क कार्यालय मण्डला के नाम पर 01 जनवरी 2024 को पत्र लिखा था। जिसमें द्रोपती का नाम सहायिका के लिए पहले नंबर पर है। सूची के अनुसार द्रोपती को 70 % अंक दिए गए हैं। बावजूद द्रोपती के नाम पर आदेश नहीं करके कुमारी हल्की बाई को सहायिका पद पर नियुक्त कर दिया गया है,जबकि जारी सूची में हल्की बाई का नाम दर्ज ही नहीं है।सीधा सा मतलब है,कि हल्की बाई के द्वारा ऑनलाइन आवेदन किया ही नहीं गया बावजूद सहायिका पद पर नियुक्ति कर दी गई है। निर्धारित समय पर इसकी आपत्ति दर्ज कराए जाने मोहगांव कार्यालय के बाबू के द्वारा यह कहकर रोक दिया गया कि,बिना आपत्ति लगाए ही द्रोपती बाई को भी नियुक्ति दिलवाई जाएगी। बावजूद नियुक्ति अब तक नहीं दी जा सकी है। लगभग साल भर बाद मोहगांव कार्यालय के बाबू के द्वारा सत्तर हजार की मांग की जाने लगी। द्रोपती के पास रुपए की व्यवस्था नहीं हो पाने से रुपए जमा नहीं कर सकी है। नियुक्ति पाने अब वह जिला कार्यालयों की ओर उम्मीद लगाए हुए है। द्रोपती ने बताया, कि वह मोहगांव परियोजना कार्यालय का दर्जनों चक्कर लगाते परेशान हो चुकी है। अभी तक आस्वासन पर आस्वासन मात्र मिलता आ रहा है। परियोजना कार्यालय मोहगांव की ऐसी मनमानी पर उचित कार्यवाही कराकर न्याय पाने की उम्मीद से जनसुनवाई में कलेक्टर को और जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग मण्डला कार्यालय में आवेदन दिया है।
जिला परियोजना महिला बाल विकास कार्यालय में नियुक्ति को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हो या सहायिका की सब मे गड़बड़ झाला देखने को आसानी से मिल रहा हैं और पात्र शिकायत लेकर दफ्तरों के चक्कर न्याय पाने भटक रहे है।