बी एल ओ कार्य को मना करने पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने अधीक्षण यंत्री कार्यालय में पदस्थ सन्दीप नंदा को किया निलबिंत का आदेश जारी
रेवांचल टाईम्स – जिला कलेक्टर जबलपुर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जबलपुर के आदेश क्रमांक 653 / सामान्य निर्वाचन/ जबलपुर दिनांक 18 11 25 एसआई आर कार्यक्रम के अंतर्गत मतदाताओं के सत्यापन कार्यक्रम में लापरवाही बरतने पर संदीप नंदा सहायक ग्रेड 3 लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जबलपुर विधानसभा के मतदान क्रमांक 150 के बी एल ओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया लेकिन उक्त आदेश के तामील के बाद दंड के फलस्वरुप निलंबित करते हुए इनका मुख्यालय जिला रजिस्ट्री करण अधिकारी विधानसभा क्रमांक 99 जबलपुर केंट नियत किया गया सहायक ग्रेड 3 संदीप नंदा जिला निर्वाचन अधिकारी जबलपुर के आदेशों की अव्हेलना करते हुए मुख्य अभियंता कार्यालय लोक स्वास्थ्य यंत्री विभाग जबलपुर अपनी हरधारिता पूर्वक रवैया बनाते हुए अपनी उपस्थिति निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय में ना देते हुए आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, आखिर सहायक ग्रेड 3 संदीप नंदा को मुख्य अभियंता कार्यालय लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जबलपुर के अधिकारी उनके बचाव का कार्य क्यों कर रहे हैं, जबकि इसी कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है उन्हें इनके द्वारा तत्काल कार्य मुक्त कर दिया गया है, वही दूसरी अधिकारियों का बाबू मोह समझ के परे नज़र आ रहा हैं अधिकारियों के द्वारा इस तरह से अन्य कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
वही सूत्रों के अनुसार जहा संदीप नंदा सहायक ग्रेड 3 को बचाव के लिए अपने अधिकारियों से 17 जिलों के स्थापना शाखा का प्रभारी बताते हुए उन्हें आदेश कराकर निर्वाचन कार्यालय में पत्र भेज रहे हैं जबकि निर्वाचन कार्य अति महत्वपूर्ण होता है, कार्यालय में बैठे अधिकारी कर्मचारी निर्वाचन अधिकारियों को गुमराह कर रहे हैं, और इनकी पदस्थापना अधीक्षण यंत्री कार्यालय लोक स्वास्थ्य विभाग जबलपुर में है, इस हेतु वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पूर्व में अधीक्षण यंत्री कार्यालय में कार्य करने की आदेश भी जारी किए गया हैं, पर कुर्सी से इतना प्रेम है की मुख्य अभियंता कार्यालय जो निलंबन अवधि के बाद भी नहीं छोड़ा जा रहा है एवं निलंबन के बाद भी अधिकारियों द्वारा मुख्य अभियंता कार्यालय में काम लिया जाना शासन के आदेशों की तुगलगी एवं मनमर्जी और तानाशाही जो शासन के महत्वपूर्ण कार्यों के आदेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं। देखना यह है कि अब जिला निर्वाचन अधिकारी एंव कलेक्टर जबलपुर द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है। यह बड़ा सवाल की क्या कलेक्टर एंव जिला निर्वाचन अधिकारी का आदेश से भी बड़ा है बाबू का पद जो चुनाव से जैसे मत्वपूर्ण कार्य मे मना के बाद भी कार्य से हटाया न जाकर उसे अपने ही कार्यालय में कार्य करवा जा रहा है।