धूमा में भू-माफियाओं का अवैध उत्खनन राजस्व निरीक्षक की मेहरबानी से खुलेआम चल रही खुदाई

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रेवाँचल टाईम्स – सिवनी/लखनादौन किंवदंतियां है कि राजस्व विभाग के मैदानी कर्मचारीयों और भू-माफियाओं का जैसे चोली दामन का साथ है। जो कभी छूटता ही नहीं । मध्य प्रदेश सरकार लगातार भू-माफियाओं के खिलाफ कैंपेन चलकर कार्रवाई करने के निर्देश करते रहती है। और प्रशासनिक अधिकारी भी सरकार की मंशा के अनुसार भू-माफियाओं पर लगाम लगाने के लिए समय-समय पर आदेश और निर्देश जारी करते रहते हैं। ताकि भू-माफियाओं के हौसले बुलंद ना होने पाए और उन पर कार्रवाई होती रहे। ताकि सरकार के खजाने में भू-राजस्व की बसूली होती रहे लेकिन विभाग के ही मैदानी अधिकारी कर्मचारी सरकार की और प्रशासन की मंशा पर पानी फेरने का काम कर रहे हैं। तो वहीऐसे में सरकार की मनशा कतई पूरी नहीं हो सकती। बल्कि भू-माफियाओं की मौज जरुर हो रही है। मामला सिवनी जिले के लखनादौन तहसील के ग्राम धूमा का है। जहां राजस्व निरीक्षक के संरक्षण में खुलेआम उत्खनन कहानी मार्ग पर घाट के नीचे सड़क के पास लगी भूमि पर किया जा रहा है। जहां भू-माफिया बिना अनुमति के बेखौफ जेसीबी मशीन से मुर्रम की खुदाई कर मुर्रम बैच कर व्यापार कर रहे हैं। शासन प्रशासन के द्वारा सरकार का राजस्व बढ़ाने के लिए और राजस्व एकत्रित करने/कराने राजस्व विभाग में राजस्व निरीक्षक की नियुक्ति की गई है। लेकिन राजस्व निरीक्षक अपने कर्तव्यों का पालन करने के बजाय शासन प्रशासन को ही ठगने और स्वयं का जेब भरने का काम कर रहे हैं। बिना अनुमति के अवैध रूप से मुर्रम की खुदाई पिछले कई महीनो से जारी है। जहां छोटे-मोटे गड्डे नहीं बल्कि राजस्व निरीक्षक की मेहरबानी से सैकड़ों मीटर लम्बी बड़ी खदान बना दी गई है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक की सांठगांठ से आर्थिक लाभ देकर भू-माफियाओं का अवैध खनन निरंतर कई दिनों से जारी है। प्रशासनिक अधिकारी भी लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने में ज्यादा रुचि रखते हैं। जिससे आप सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं कि ना केवल मैदानी कर्मचारीयों की सांठगांठ भू-माफियाओं से है बल्कि अधिकारियों की भी सांठ-गांठ मैदानी कर्मचारीयों से है। अब देखना है कि अवैध उत्खनन के मामले पर प्रशासनिक अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं।

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