घरेलू गैस सिलेंडरों का बढ़ता कमर्शियल उपयोग, विभाग की उदासीनता से बढ़ रही अवैध खपत

28

रेवांचल टाइम्स मंडला शासन द्वारा ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में रसोई गैस की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से वर्षों से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। खासकर उज्ज्वला योजना के माध्यम से गरीब महिलाओं को गैस कनेक्शन और सब्सिडी प्रदान कर उन्हें धुएँ से मुक्त स्वच्छ रसोई उपलब्ध कराई जा रही है। इससे गांवों में जंगलों पर बढ़ रहे दबाव को कम करने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिला है।लेकिन इन सभी सकारात्मक प्रयासों के बीच एक समस्या तेजी से पैर पसार रही है

घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध कमर्शियल उपयोग

शहरों से लेकर छोटे कस्बों और दूरस्थ गांवों तक चाय दुकानों, होटल–ढाबों, फास्ट फूड सेंटरों, चाट दुकानों एवं शादी समारोहों में बड़े पैमाने पर घरेलू सिलेंडर खुलेआम प्रयोग किए जा रहे हैं।
सरकार के नियम स्पष्ट, लेकिन पालन शून्य
गैस एजेंसियों और संबंधित विभाग द्वारा जारी नियमों के अनुसार
घरेलू एलपीजी सिलेंडर सिर्फ घरेलू उपयोग के लिए जारी किए जाते हैं।
व्यावसायिक गतिविधियों के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर का उपयोग अनिवार्य है।कमर्शियल सिलेंडरों में सुरक्षा मानक अधिक मजबूत होते हैं, क्योंकि उनका उपयोग उच्च ताप स्तर और निरंतर आग पर किया जाता है।
इन नियमों के बावजूद, शहरों से लेकर गांवों तक हजारों दुकानें घरेलू सिलेंडरों का उपयोग कर रही हैं। आश्चर्य की बात यह है कि विभाग की ओर से कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जा रही है जिससे अवैध उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है।
दुकानदारों की सफाई सस्ता पड़ता है घरेलू सिलेंडर
जब इस संबंध में छोटे दुकानदार से बात की गई, तो ज्यादातर का जवाब एक जैसा था घरेलू गैस सस्ती पड़ती है, इसलिए उसी का उपयोग करना पड़ता है 900 वाला सिलेंडर 1100सौ रुपये में घरेलू सिलेंडर आसानी से मिल जाता है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर महंगा है।
हॉकर आसानी से सिलेंडर दे जाते हैं, इसके लिए किसी तरह की पहचान या कागजी औपचारिकता की जरूरत नहीं होती।कुछ दुकानदारों ने यह भी बताया कि कमर्शियल सिलेंडर का खर्च उनके छोटे व्यवसायों की कमाई के मुकाबले बहुत अधिक है, इसलिए वे मजबूरी में घरेलू सिलेंडरों का उपयोग करते हैं।उज्ज्वला योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना है। इसके तहत महिलाओं के खातों में सब्सिडी की राशि भी वापस की जाती है, ताकि वे सिलेंडर का पुनः उपयोग कर सकें।
लेकिन जब घरेलू सिलेंडरों की भारी मात्रा में अवैध खपत हो रही है, तो
क्या सब्सिडी प्राप्त सिलेंडर वास्तव में जरूरतमंद परिवारों द्वारा उपयोग किए जा रहे हैं क्या कुछ उपभोक्ता उज्ज्वला सिलेंडर बेचकर उसे दुकानदारों तक पहुंचा रहे हैं क्या हॉकर और एजेंसी कर्मचारी इस अवैध सप्लाई में संलिप्त हैं योजना का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे, इसके लिए विभागीय जांच अत्यंत आवश्यक है।कमर्शियल गैस छोड़कर घरेलू सिलेंडर उपयोग करना सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है विशेषज्ञों के अनुसार, होटल चाय दुकान जैसे स्थानों में घरेलू सिलेंडरों का प्रयोग बेहद खतरनाक है।घरेलू सिलेंडर लगातार तेज लौ और उच्च तापमान पर उपयोग करने के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं।दुकानें और ठेले अक्सर भीड़भाड़ वाली जगहों पर होते हैं, जहां गैस लीकेज की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है।कमर्शियल रेगुलेटर और पाइप अधिक सुरक्षित होते हैं, जबकि घरेलू सेटअप इस उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं है इसके बावजूद नियमों का पालन न होना विभाग की लापरवाही को दर्शाता है।
जांच टीमें महीनों तक गांवों में नहीं जातीं।हॉकर बिना किसी रोक टोक के घरेलू सिलेंडर व्यवसायिक स्थानों पर पहुंचाते रहते हैं।इस ढिलाई के कारण दुकानदारों को लगता है कि इस अवैध कार्य से कोई खतरा नहीं है, और वे बिना झिझक घरेलू गैस का उपयोग जारी रखते है घरेलू सिलेंडरों का बढ़ता कमर्शियल उपयोग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि सुरक्षा और सामाजिक योजनाओं की मंशा के साथ सीधा खिलवाड़ भी है। गरीबों के लिए जारी की गई सब्सिडी का अप्रत्यक्ष रूप से दुकानदारों द्वारा लाभ उठाया जाना आर्थिक हानि को जन्म दे रहा है ।समय रहते संबंधित विभागों को निगरानी बढ़ाने, हॉकरों पर कार्रवाई करने, दुकानों की नियमित जांच करने और जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है, ताकि घरेलू गैस सिलेंडर अपने मूल उद्देश्य घरेलू उपयोग तक ही सीमित रहें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.