नैनपुर सिविल अस्पताल में शाम की ओपीडी ठप, डॉक्टर निजी प्रैक्टिस में व्यस्त
नियमों के बावजूद लापरवाही बीएमओ बोले “दिखवाते हैं”

रेवांचल टाइम्स नैनपुर मंडला नैनपुर सिविल अस्पताल में शाम की ओपीडी लगातार प्रभावित हो रही है। मरीजों का आरोप है कि निर्धारित समय पर कई डॉक्टर ओपीडी में मौजूद नहीं रहते और इसी दौरान उन्हें निजी क्लीनिकों में प्रैक्टिस करते देखा गया, जिससे सरकारी सेवाएँ बाधित हो रही हैं।
सूत्रों से जानकारी के अनुसार, संविदा में पदस्थ फिजियोथैरेपिस्ट भी अस्पताल समय में ही निजी क्लीनिक में मरीज देखने के आरोपों से घिरे हैं। मरीजों के अनुसार, अस्पताल में आवश्यकता होने पर भी उन्हें “क्लीनिक पर आ जाइए” कहा जाता है, जो कि सेवा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
सरकारी नियम साफ सरकारी डॉक्टर निजी प्रैक्टिस नहीं कर सकते
राज्य शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार कोई भी सरकारी डॉक्टर, अधीक्षक या प्रभारी निजी चिकित्सकीय गतिविधियाँ (प्राइवेट प्रैक्टिस) नहीं कर सकते।
सेवा में रहते हुए किसी निजी अस्पताल, क्लीनिक या नर्सिंग होम में उपचार देना प्रतिबंधित है।1997 एवं 1999 के शासन आदेश स्पष्ट रूप से कहते हैं कि सरकारी चिकित्सक, मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में नियुक्त चिकित्सक निजी प्रैक्टिस नहीं करेंगे।
आदेश का उल्लंघन करने पर विभागीय कार्रवाई का प्रावधान है।
इन निर्देशों के अनुसार ड्यूटी समय में निजी क्लीनिक चलाना गंभीर अनियमितता मानी जाती है।
बीएमओ की प्रतिक्रिया
जब बीएमओ डॉ. राजीव चावला से पूछा गया कि डॉक्टरों की अनुपस्थिति और ड्यूटी टाइम में निजी प्रैक्टिस के आरोपों पर क्या कार्रवाई होगी,
तो उन्होंने संक्षिप्त जवाब दिया दिखवाते हैं।
मरीजों में नाराज़गी मरीजों का कहना हैनियम तो हैं, लेकिन पालन कोई नहीं करता। अस्पताल की शाम की ओपीडी बंद रहती है और निजी क्लीनिकों में भीड़ लगी रहती है।”
लोगों ने मांग की है कि स्वास्थ्य विभागशाम की ओपीडी की नियमित मॉनिटरिंग करे ड्यूटी टाइम में निजी प्रैक्टिस पर स्पष्ट कार्रवाई करे
उपस्थित—अनुपस्थित डॉक्टरों की सार्वजनिक सूची जारी करे ताकि सरकारी अस्पताल की सेवाएँ सुचारू रूप से चल सकें।