अतिथि शिक्षक भर्ती में आदेशों की की जा रही है अवहेलना

रेवांचल टाइम्स मोहगांव मंडला एकीकृत माध्यमिक शाला देवगॉव में प्रधान अध्यापिका की मनमानी से बच्चों के शैक्षणिक कार्य पूरी तरह से बाधित हो रहे हैं दो शिक्षकों के स्थानांतरण के बाद भी अतिथि शिक्षकों कि नहीं की जा रही है नियुक्ति सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग मंडला के द्वारा लापरवाही शिक्षकों को हटा दिया गया था।जिसके बाद वहा पर विषय बार शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी परंतु देवगांव माध्यमिक शाला में बैठे प्रधान अध्यापिका के द्वारा स्थानांतरण के बाद भी मैडम द्वारा अपने परिचित अतिथि शिक्षक की नियुक्ति कर लिया गया है और जन शिक्षा केंद्र संकुल केंद्र में विकासखंड स्तरों से की जाना था।ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानाध्यापिका द्वारा अतिथि शिक्षक भर्ती में नियम विरोध किया जा रहा है जो कि गलत है ग्रामीणों का कहना है की सबसे पहले प्राथमिकता सिंगारपुर संकुल केंद्र और जन शिक्षा केंद्र के अंतर्गत जितने भी अतिथि शिक्षक हैं उनकी मेरिट लिस्ट पर किया जाना था परंतु प्रधान अध्यापिका द्वारा मनमाने ढंग से नई नियुक्ति की जा रही है जो यह दर्शाता है कि यह नियुक्तियां केवल अपने मन से की जा रही है इस बात को लेकर ग्रामीणों द्वारा एक आदेश माननीय उच्च न्यायालय का भी दिखाया गया है जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि विद्यालयवार मेरिट सूची के आधार पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जानी चाहिए थी।परंतु ऐसा ना करके प्रधान अध्यापिका द्वारा नियम विरुद्ध विज्ञापन निकालकर अपने मनपसंद लोगों का फॉर्म बुलवाकर जमा कराया और उन्हीं लोगों में से भर्ती कराई जा रही है जो नियम की विरुद्ध है इसका विरोध ग्रामीणों ने सीएमडी की बैठक में भी किया।यह मानसिकता दर्शाता है कि प्रधान अध्यापिका बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश के कंडिका 27 में तीन-चार में स्पष्ट तौर पर निर्देशित किया गया है कि अतिथि शिक्षकों की भर्ती विद्यालयवार मेरिट सूची के आधार पर किया जाना था परंतु मैडम द्वारा इस नियम के तहत भर्ती नहीं की गई और उनके द्वारा नया विज्ञापन जारी करते हुए भर्ती की जा रही है और मैडम द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना किया जा रहा है जो कि गलत है।ग्राम वासियों का कहना है कि पहले जन शिक्षा केंद्र,संकुल केंद्र,और विकासखंड स्तर के अनुभवी अतिथि शिक्षकों को पहले प्राथमिकता नियम के अनुसार से दी जाए। तथा दोबारा जो विज्ञापन अतिथि शिक्षक की भर्ती के लिए जारी किया गया है उसे विज्ञापन को तत्काल निरस्त किया जाए और नया विज्ञापन नियम अनुसार तथा जन शिक्षा केंद्र संकुल केंद्र विकासखंड अनुभव अतिथि शिक्षकों की प्राथमिकता के तौर पर दर्शाते हुए विज्ञापन जारी किया जाए।अब देखना होगा कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी संबंधित शिक्षिका के ऊपर क्या कार्रवाई करते हैं।

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