कब होगी अतिथि शिक्षक भर्ती ?? बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित : पी.डी खैरवार
रेवांचल टाईम्स – मण्डला जिले में 16 जून से विद्यालयों में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। जिसका उल्लेख सरकार ने पाठ्य-पुस्तकों के सबसे पहले विषय सूची में और शैक्षणिक कैलेंडर में भी कर रखा है। बावजूद इसके सरकारी शिक्षकों की कमियों के चलते भी पढ़ाई कार्य कराने वाले अतिथि शिक्षकों की भर्ती जरूरतमंद स्कूलों में अब तक भी नहीं की जा सकी है। जिसके पीछे कोई खास कारण भी नहीं हैं। परिणाम यह है,कि सरकारी स्कूलों में दर्ज गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों की पढ़ाई शुरुआत से ही ठप्प पड़ी हुई है। सरकारी स्कूलों में पढाई की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होते जाने के पीछे महत्वपूर्ण कारणों में यह भी एक कारण है। जबकि तमाम विज्ञापनों के माध्यम से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के विकास को प्राथमिकता देने वाली इस सरकार को 16 जून के पहले ही यानी स्कूल खुलते ही अतिथि शिक्षकों को स्कूलों में सेवा का अवसर दिया जाना बेहतर शिक्षा और बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए अति आवश्यक है। ताकि समय से कोर्स पूरा करवाया जा सके। वैसे भी बहुत ज्यादा शासकीय अवकाशों के चलते कक्षाएं बहुत कम दिन लग पाती हैं। जिसके कारण भी पढ़ाई कराने पर्याप्त समय नहीं मिल पाता है।विचारणीय है,कि शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में बहुत देर बाद अतिथि शिक्षक भर्ती करके पढ़ाई शुरू कराई जाती है। बाद में परीक्षा परिणाम कमजोर आने पर अतिथि शिक्षकों को ही दोषी ठहराया जाता है। समाज और अभिभावकों के सामने भी अतिथि शिक्षकों को बेवजह निंदा के पात्र बनना पड़ता है।
गौरतलब है, कि नियमितीकरण की मांग 2008 से लगातार करते आने के बाद भी अतिथि शिक्षकों की सेवाएं जुलाई -अगस्त्त के महीने से शुरू कर 30 अप्रैल को समाप्त कर देने की परंपरा को सरकार खत्म नहीं करने में अड़ी हुई है।जिससे अतिथि शिक्षकों को महज सात -आठ महीने में लगभग 150 कार्य दिवस ही पढ़ाई कराने के लिए मिल पाते हैं,जो पाठ्यक्रम के अनुपात में बहुत कम पड़ जाते हैं।
याद दिलाना जरूरी है,कि चुनाव पूर्व 2 सितंबर 2023 को अतिथि शिक्षकों के लिए सरकार की अधिकारिक घोषणा वार्षिक अनुबंध की हो चुकी है। जिसमें बारहों महीने काम पर रखे जाने की बात थी,जिसका पालन डाक्टर मोहन यादव की सरकार के द्वारा आज पर्यंत नहीं किया जा सका है।भविष्य में अतिथि शिक्षकों की सेवाएं लगातार जारी रखना गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा और बच्चों के हित में होगा।
शासन-प्रशासन से बार-बार मांग करते हैं, कि 2024-25 में सेवा देते आ रहे अतिथि शिक्षकों को बगैर कोई ज्ञापन जारी किए ही जल्द से जल्द सेवा पर रखा जाए और रिक्त पदों पर वरीयताक्रम व अनुभव के आधार पर सेवा से अलग हुए अतिथि शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाए। ताकि सरकार के आदेशों के शिकार बने बेरोजगार हुए अतिथि शिक्षकों को पुनः सेवा का अवसर मिल सके।
संविदा शिक्षक बनाने डॉ.मोहन यादव ने भी विधायक रहते लिख चुके हैं मुख्यमंत्री को पत्र
अतिथि शिक्षकों को संविदा शिक्षक बनाने विचार करने मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने भी विधायक रहते तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को संबोधित कर सात वर्ष पूर्व 15 मार्च 2018 को इस संबंध में पत्र लिख चुके हैं,और वर्तमान में डॉक्टर मोहन यादव खुद ही प्रदेश के मुखिया हैं,अब यह काम उनके स्वयं के हाथ में आ गया है। अतिथि शिक्षकों को नियमित रोजगार देने पहल करना उनके कुशल और सच्चे राजनीतिक होने का परिचायक होगा।
अनुभव के आधार पर वरिष्ठता क्रम में नियमितीकरण करे सरकार
अतिथि शिक्षक संगठन लंबे समय से एक ही मांग करते आ रही है,कि अधिकतम अनुभव के आधार पर वरिष्ठता क्रम में अतिथि शिक्षकों को नियमित रोजगार देने सरकार पहल करे। जिससे प्रदेश के लगभग तीन लाख अतिथि शिक्षक परिवारों के जीवन में खुशहाली आएगी।
शिक्षक भर्ती अपात्र अतिथि शिक्षकों की भर्ती अन्य पदों पर हो
शिक्षक भर्ती नियमों के अनुसार डी एड व बी एड के साथ शिक्षक भर्ती परीक्षा पास होना अनिवार्य होता है। इस दायरे में नहीं आने वाले अतिथि शिक्षकों को उनके अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर स्कूलों में खाली पड़े अन्य पदों पर भर्ती कर सरकार।