ग्राम पंचायत खारीडीह के सरपंच सचिव ने अपने सगे संबंधियों को ठेकेदार बनाकर लाखों रुपए का किया भ्रष्टाचार ‌‌वही सरकारी खजाने को व्यवस्था के डाकू दोनों हाथों से लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं

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ग्रामीण की शिकायत के बाद खारीडीह पहुंचा जांच दल दस्तावेज नहीं मिलने पर लगभग तीन वर्षों से जांच प्रक्रिया अटकी दबंग सरपंच सचिव के डर से नहीं खुलता कोई अपना मुंह

दैनिक रेवांचल टाइम्स डिंडोरी, मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिले डिंडोरी मनरेगा योजना के नियम कायदो को ताक पर रख दिया गया है हैरान कर देने वाली बात यहां है कि पंचायत में सरपंच सचिव और पंच के सगे रिश्तेदार ठेकेदार बन बैठे हैं और अपना धड़ल्ले से बिल लगाकर बड़ी आसानी से राशि का आहरण कर लिया जाता है बिना काम के पंचायतों में यही हो रहा साहब, जिनकी जैसी मर्जी वैसा रूपया बटोर रहा है सरपंची हाथ क्या आई साहब ने अपने भतीजे तमाम रिश्तेदारों को मनरेगा योजनाओं का भरपूर लाभ दे डाला और ठेकेदार भी बना दिया गया और जीएसटी बिल लगाकर सारा रूपया बटोर कर तिजोरी में डाल दिया डिंडोरी जिले की जनपद पंचायत करंजिया विकासखंड की ग्राम पंचायत खारीडीह मैं कुछ यही कारनामा डंके की चोट पर हो रहा है और सारी अधिकारी मुंह में नोटों की गड्डियां ठूंसकर धृतराष्ट्र बन चुके हैं तो वही सरकारी खजाने को व्यवस्था के डाकू दोनों हाथों से लूटने में लगे हुए हैं रासूखदारो सरपंच,जनपद सदस्य के सगे संबंधियों के द्वारा ठेकेदारी कर लगातार मां दुर्गा ट्रेडर्स , राजेंद्र ट्रेडर्स,फर्जी बिलों लगाकर राशि का आहरण किया गया जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने 26,5, 2022 को जिला पंचायत में लिखित आवेदन देकर की थी जिसको लेकर जिला पंचायत ने टीम भी गठित की थी जांच अधिकारी सहायक यंत्री से सैयाम ने बताया कि जो भी शिकायत प्राप्त हुई है उनके दस्तावेज नहीं मिले पाए हैं और दस्तावेजों के दो दिवस का समय दिया गया है अन्यथा की स्थिति में कार्यवाही की जाएगी लेकिन लगभग 3 वर्ष बीतने को आए हैं ना तो कार्यवाही हुई है और ना ही जांच पूरी हुई ग्रामीणों को अभी तक नहीं मिला न्याय जांच दल में एपीओ अशोक कूड़ापे एई एस एस सैयाम पीसीओ सनत धुर्वे शामिल रहे लगता है इन्होंने भी दस्तावेज न मिलने का बहाना करते हुए अपना पल्ला बड़ी आसानी से झाड़ लिया बुधवार को साप्ताहिक बाजार का दिन होने के कारण ग्राम पंचायत के लोग एकत्रित भी नहीं हो पाए थे इसलिए 3 दिन बाद यहां प्रक्रिया फिर से होगी जांच दल ने स्टाफडेम सहित सामुदायिक भवन की भी जांच की और उसी हालत में ठीक नहीं मिली बहरहाल जांच प्रक्रिया कुछ दिनों के लिए टल गई और आगामी दिवसों में पुनः जांच की जाएगी कहकर जांच टीम ने भी अपना पल्ला झाड़ लिया और अब लगभग 3 वर्ष बीत गए जांच के नाम पर ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार गबन और मनमानी नियमों को ताक पर रखकर हितग्राही मलक योजना में जमकर लूट मची हुई है गरीब पिछड़े लोगों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने वाली महात्मागांधी रोजगार गारंटी योजना है परंतु इसका सही क्रियावन नहीं हो पा रहा है मनरेगा योजना के अंतर्गत गरीब बेरोजगार लोगों को कार्य मिल पा रहा है या नहीं यह देखने वाला कोई जिम्मेदार नहीं है मनरेगा योजना में खुलेआम भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

जनता की मांग, हो उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर ठोस कार्यवाही
वहीं स्थानीय ग्राम वासियों की मांग है दबी आवाज में मांग है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और दोषियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 धोखाधड़ी धारा 409 सरकारी राशि में गबन सहित मनरेगा अधिनियम के तहत सख्त कार्यवाही हो एक और सरकार ग्रामीणों को रोजगार देकर आत्मनिर्भर बनना चाहती है वहीं दूसरी और पंचायत बैठे जिम्मेदार लोग सरकारी योजनाओं में घोटाला कर अपने स्वार्थ की रोटियां सेक रहे हैं ऐसे में शासन को जल्द हस्तक्षेप कर पारदर्शी कार्यवाही करनी चाहिए ताकि योजनाओं का लाभ असली हकदारों तक पहुंच सके और स्थानीय गरीब और मजदूर का पलायन रुक सके पूर्व सरपंच वर्तमान जनपद सदस्य ,सचिव रोजगार सहायक पर ग्रामीणों की गंभीर आरोप सूत्र यहां भी कहते हैं कि उच्च अधिकारियों को शिकायत करने पर धमकियां भी मिलती है नाम न छापने की शर्त पर यहां बताया गया कि भाई साहब आपको भी खबर छाप रहे हैं आप को भी धमकियां मिलेगी हम ग्रामीणों की आवाज तो धमकियां देकर दबा दी जाती हैं

क्या कहता है पंचायती राज अधिनियम
पंचायती राज अधिनियम के तहत कोई भी जनप्रतिनिधि अपने सगे संबंधी उनको हितग्राही मूलक एवं रोजगार मूलक की योजना का लाभ नहीं ले सकता है वही ग्राम पंचायत खारीडीह पूर्व सरपंच मधुबन धुर्वे द्वारा अपने भतीजे को ठेकेदार बनाकर धड़ल्ले से बिल लगाकर राशि का किया था आहरण रोजगार सहायक सचिव के भाई का भी ठेकेदारी में जमकर बोल वाला पंचायती राज अधिनियम की धड़ल्ले से उड़ा रहे धजिया अब देखना है यहां होगा कि उच्च अधिकारियों द्वारा कार्यवाही की जाती है या कार्यवाही के नाम पर पकड़ा जाता है झुनझुना यहां तो अपने आप में एक अहम सवाल है

क्या खबर छपने के बाद सच में मिलेगी धमकियां….. जल्द पढ़े अगली खबर अगले अंक पर

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