शोक की लहर चौरागढ़ के सिद्ध महादेव मंदिर के महंत श्री श्री 1008 गरीबदास जी महाराज पंचतत्व में विलीन
धर्म और तपस्या का एक दैदीप्यमान अध्याय समाप्त; हजारों शिष्यों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला
चौरागढ़ धर्म, आस्था और सेवा के प्रतीक, चौरागढ़ स्थित सिद्ध महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी महंत श्री श्री 1008 गरीबदास जी महाराज कल ब्रह्मलीन हो गए। आज वे पूर्ण राजकीय सम्मान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ पंचतत्व में विलीन हुए। महाराज श्री के देवलोकगमन की सूचना मिलते ही पूरे जिले सहित मध्य प्रदेश और पड़ोसी राज्यों में शोक की लहर दौड़ गई।
*तप और सेवा का संगम था उनका जीवन*
महाराज श्री ने अपना संपूर्ण जीवन महादेव की सेवा और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में समर्पित कर दिया। उन्होंने चौरागढ़ महादेव मंदिर के विकास और विस्तार में जो योगदान दिया, उसे सदियों तक याद रखा जाएगा। वे केवल एक पुजारी नहीं, बल्कि हजारों भक्तों के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शक थे। उनका जीवन तप, तपस्या और जनकल्याण का जीवंत उदाहरण रहा।
*अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब*
महाराज श्री के अंतिम दर्शन के लिए मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से हजारों की संख्या में शिष्य और अनुयायी चौरागढ़ पहुंचे। जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
”महाराज श्री का आशीर्वाद और मार्गदर्शन हमेशा समाज के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह रहा। उनके जाने से आध्यात्मिक जगत में जो शून्य पैदा हुआ है, उसकी पूर्ति असंभव है।”
स्थानीय श्रद्धालु
अमिट यादें और मार्गदर्शन
विदित हो कि महाराज श्री की असीम कृपा उनके शिष्यों पर सदैव बनी रही। उनके अनुयायियों का मानना है कि भले ही महाराज भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी शिक्षाएं, धार्मिक आस्था और स्नेह सदैव भक्तों के हृदय में जीवित रहेंगे।