भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर दी गई श्रद्धांजलि

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रेवांचल टाईम्स – मण्डला 23 जून को जिला भाजपा कार्यालय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां पर श्री मुखर्जी के तैल्य चित्र पर माल्यार्पण करते हुए दीप प्रज्वलित किया गया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्रीमती सम्पतिया उईके ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अवधारणा पर आधारित था। वे मानते थे कि भारत केवल एक राजनीतिक सत्ता नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक इकाई है जिसकी आत्मा सनातन भारतीय परंपराओं में निहित है। मुख्य वक्ता रोचीराम गुरवानी ने कहा कि मुखर्जी जी का मानना था कि सभी भारतीय चाहे उनकी भाषा जाति या धर्म कुछ भी हो एक साझी संस्कृति के उत्तराधिकारी हैं। उन्होंने शिक्षा राजनीति समाज और संस्कृति के सभी क्षेत्रों में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे वर्ष 1929 में बंगाल विधान परिषद के सदस्य बने और 1934 से 1938 तक कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति भी रहे। इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा ने कहा कि आज हम सब यहां एक महान राष्ट्रभक्त दूरदर्शी नेता आदर्श शिक्षाविद् और हम सब के प्रेरणास्रोत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एकत्र हुए हैं। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक ऐसी परम पुण्यात्मा हैं जिन्होंने देश में दो निशान दो विधान और दो प्रधान के कानून को ठुकराते हुए अखंड भारत के लिए 23 जून 1953 को अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। 23 जून को न केवल डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि के रूप में मनाया जाता है बल्कि संविधान से अनुच्छेद 370 को हटाने के संकल्प दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि जयदत्त झा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक विचारधारा के लिए अपना पूरा जीवन लगाया। वे कभी सत्ता पर बैठने के लिए नहीं आए थे। वे अनेक बार सत्ता में आए और हमेशा विचारधारा के लिए सत्ता का त्याग भी किए थे। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत का विभाजन नहीं होने देना चाहते थे। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया कि बंगाल के हिंदुओं के हितों की उपेक्षा नहीं की जाए। उनके प्रयासों से हिंदुओं के हितों की रक्षा हुई और कोलकाता बंदरगाह भी पूर्वी पाकिस्तान को सौंपे जाने से बच गया था। कार्यक्रम पश्चात मुखर्जी जी की स्मृति में भाजपा कार्यालय मण्डला में वृक्षारोपण किया गया।
इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष विनोद कछवाहा, नगर अध्यक्ष रानू राजपूत, जिला उपाध्यक्ष पारस असरानी, अखिल सिहारे, श्रीमती सुषमा मिश्रा, सुश्री शशि पटेल, वरिष्ठ कार्यकर्ता पी.एल. डोंगरे कार्यक्रम सह संयोजक रवि सोनवानी, नगर महामंत्री सौरभ गुप्ता, मयंक विश्वकर्मा के साथ बड़ी संख्या में वरिष्ठ कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं मातृशक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम पश्चात भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री एवं पूर्व मंडी अध्यक्ष स्व.श्री सुनील नामदेव जी को दी गयी श्रदांजलि।
प्रफुल्ल मिश्रा
जिला अध्यक्ष भाजपा मंडला

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