कलेक्टर के आदेश को ठेंगा! गणेश पेट्रोल पंप बना कानून तोड़ने का अड्डा — जिम्मेदार कौन?

133

दैनिक रेवांचल टाइम्स – मंडला।जिला प्रशासन और पुलिस जहां एक-एक जान बचाने के लिए सड़कों पर पसीना बहा रहे हैं, वहीं भुआ बिछिया के गणेश पेट्रोल पंप संचालक ने कलेक्टर के आदेशों को खुलेआम रौंद डाला है।
कलेक्टर सोमेश मिश्रा का स्पष्ट आदेश है कि बिना BIS मानक का हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालक को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा।
यह आदेश जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर चस्पा कराया गया, संचालकों को सख्त चेतावनी दी गई।
लेकिन भुआ बिछिया के गणेश पेट्रोल पंप (दानी टोला रोड, बिछिया) पर यह आदेश कागज़ का टुकड़ा साबित हो रहा है।
तस्वीरें चीख-चीख कर गवाही दे रही हैं कि बिना हेलमेट वाहन चालकों को धड़ल्ले से पेट्रोल दिया जा रहा है।
यह सीधी-सीधी आदेश की अवहेलना, प्रशासन को चुनौती और आम जनता की जान से खिलवाड़ है।
सबसे बड़ा सवाल—
क्या गणेश पेट्रोल पंप संचालक खुद को कानून से ऊपर समझता है?
क्या प्रशासनिक आदेश केवल कमजोरों पर लागू होते हैं?
या फिर पेट्रोल पंप संचालकों को किसी तरह का संरक्षण प्राप्त है?
एक तरफ पुलिस विभाग हेलमेट को लेकर चालान, जागरूकता अभियान और चौपाल चला रहा है, दूसरी तरफ पेट्रोल पंप संचालक उसी कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाकर पूरे अभियान की हवा निकाल रहा है।
यह केवल नियम उल्लंघन नहीं, बल्कि संभावित मौतों को न्योता देना है।
बिना हेलमेट पेट्रोल देकर क्या पेट्रोल पंप संचालक दुर्घटना की जिम्मेदारी लेने को तैयार है?
अब प्रशासन के सामने साफ सवाल खड़ा है—
क्या गणेश पेट्रोल पंप का लाइसेंस निलंबित होगा?
क्या संचालक और कर्मचारियों पर FIR दर्ज होगी?
या फिर यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा?
अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मान लिया जाएगा कि कलेक्टर के आदेश केवल दिखावे के लिए हैं और रसूखदारों के लिए कानून अलग है। और आम जनता के लिए अलग, जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई ही तय करेगी कि, कानून जिंदा है या पेट्रोल पंपों की दबंगई के आगे दम तोड़ चुका है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.