हजारो सगौन के पौधे को जंगल में फेंका जारगी बीट का मामला, वन समिति ने लगाए आरोप

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रेवांचल टाईम्स – मंडला, जिले में मोहगांव परियोजना के वन अधिकारी व कर्मचारियो के द्वारा मनमानी चरम सीमा में की जा रही है। यहां पौध रोपण के लिए हजारो सागौन के पौधे को जंगल में ही फेंक दिया गया है। ये सागौन के पौधे गत वर्ष 2024 में मोहगांव परियोजना के जारगी बीट के कम्पार्टमेंट 44 में रोपण के लिए लाए गए थे। सागौन के पौधे का रोपण नहीं किया गया और कागजो पर शत प्रतिशत रोपण दिखाकर राशि का आहरण किया गया है। वन समिति के सदस्यो के द्वारा डिप्टी रेंजर पर गंभीर आरोप लगाए है।
समिति के जुगल किशोर मरावी व अन्य ग्रामीणो ने बताया है कि मोहगांव परियोजना के जंगल में तैनात मैदानी अमला के द्वारा मनमानी की जा रही है। जारगी बीट में अभी कुछ दिन पहले पेड़ो की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। जिसमें बीट प्रभारी पर कई गंभीर आरोप लगे। यहां तक देवरीदादर डिपो में जब्त ट्रक को आग के हवाले कर दिया है। अभी तक विभाग के द्वारा आरोपियो को पकड़ा नहीं गया है। मिलीभगत से जंगल का नाश किया जा रहा है। मोहगांव परियोजना के अफसरो के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। गत दिवस ही जारगी बीट के कम्पार्टमेंट 44 में बड़ी संख्या में सागौन के पौधे मिले है। जिन्हे जिम्मेदारो के द्वारा फेंक दिया गया है। बोरे में भर कर लाए गए सागौन के पौधे कम्पार्टमेंट 44 में गत वर्ष रोपण के लिए लाए गए थे लेकिन डिप्टी रेंजर के द्वारा मनमानी से रोपण कार्य कराया गया है। बड़ी संख्या में सागौन के पौधे को बोरा समेत जंगल में ही फेंक दिया। लाखो रूपए के ये पौधे नर्सरी में तैयार किए जाते है। इसके बाद इन्हे रोपण के लिए जंगल लाया जाता है। जारगी बीट कागजो में सागौन का रोपण कर दिया गया है। रखरखाव और रोपण में फर्जीवाड़ा किया गया। यहां तक जंगल की सुरक्षा में लगाए गए चौकीदारो से मजदूरी कराई जाती है और भुगतान फर्जी खाते मेंं करा दिया जाता है। इसको लेकर स्थानीय ग्रामीणो में रोष देखा जा रहा है। मोहगांव परियोजना के अफसरो के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वन समिति जारगी व ग्रामीणो ने मांग की है कि दोनो ही प्रकरणो को सूक्ष्मता से जांच कर दोषी अधिकारी कर्मचारी कार्रवाई की जाए।

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