क्या आपका भी बार-बार चिप्स खाने या कोल्ड ड्रिंक पीने का मन करता है? रिसर्च में सामने आई वजह
कई लोगों को चिप्स, कोल्ड ड्रिंक और अन्य प्रोसेस्ड फूड जैसे बिस्कुट, इंस्टेंट नूडल्स और पैक्ड स्नैक्स खाने की क्रेविंग अक्सर होती रहती है. हाल ही में में दावा किया गया है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स दिमाग पर ऐसा असर डाल सकते हैं, जिससे इन्हें बार-बार खाने की आदत बन जाती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इनका प्रभाव कुछ हद तक तंबाकू की लत जैसा हो सकता है.
विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल बाजार में मिलने वाले कई पैक्ड फूड्स इस तरह तैयार किए जाते हैं कि उनका स्वाद और टेक्सचर लोगों को तुरंत आकर्षित करे. यही वजह है कि लोग पेट भरा होने के बावजूद भी इन्हें खाने की इच्छा महसूस कर सकते हैंऋ कई बार लोग इन चीजों को कम करने की कोशिश करते हैं, लेकिन दोबारा इन्हें खाने का मन हो जाता है. बच्चों और युवाओं में यह आदत तेजी से बढ़ती देखी जा रही है. इसलिए इस विषय को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार चिंता जता रहे हैं.
चिप्स और कोल्ड ड्रिंक के सेवन को तंबाकू जैसी लत क्यों कहा गया?
रिसर्च के मुताबिक, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स दिमाग के रिवार्ड सिस्टम को एक्टिव करते हैं. जब कोई व्यक्ति चिप्स या कोल्ड ड्रिंक का सेवन करता है, तो दिमाग में डोपामिन जैसे केमिकल रिलीज होते हैं, जो खुशी और संतुष्टि का एहसास कराते हैं. यही प्रक्रिया तंबाकू या निकोटिन के सेवन में भी देखी जाती है. बार-बार ऐसा होने पर दिमाग उस अनुभव को दोहराना चाहता है और व्यक्ति को फिर से वही चीज खाने की इच्छा होती है.
न फूड्स में नमक, चीनी और फैट का खास मिश्रण होता है, जो स्वाद को बेहद आकर्षक बना देता है. यह संयोजन तुरंत संतुष्टि देता है, लेकिन यह संतुष्टि लंबे समय तक नहीं टिकती, जिससे व्यक्ति दोबारा इन्हें खाने की ओर खिंचता है. इसके अलावा, इनका स्वाद, बनावट और सुगंध इस तरह तैयार की जाती है कि लोग जरूरत से ज्यादा मात्रा में भी इन्हें खा लें. धीरे-धीरे यह आदत मजबूत होकर क्रेविंग में बदल सकती है, जिसे कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है.
प्रोसेस्ड फूड के सेवन से क्या नुकसान हो सकते हैं?
ज्यादा मात्रा में प्रोसेस्ड फूड खाने से मोटापा, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है. इनमें पोषक तत्व कम और नमक, चीनी व अनहेल्दी फैट ज्यादा होते हैं.
लंबे समय तक सेवन करने से दिल की बीमारियों का जोखिम भी बढ़ सकता है. बच्चों और युवाओं में यह आदत जल्दी लग जाती है, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं.
क्या करें?
ऐसे फूड्स का सेवन सीमित मात्रा में करें. पैक्ड चीजें खरीदते समय लेबल पढ़ें और नमक-चीनी की मात्रा जांचें. घर का बना ताजा और संतुलित भोजन ज्यादा लें. फल, सब्जियां और साबुत अनाज को डाइट में शामिल करें. धीरे-धीरे जंक फूड की आदत कम करने की कोशिश करें, ताकि शरीर और दिमाग दोनों स्वस्थ रह सकें.