भक्ति और भव्यता का नया अध्याय ‘हनुमान लोक’ के रूप में विश्व पटल पर चमका जामसांवली धाम

रेवांचल टाइम्स सौसर
जितेन्द्र अलबेला
सतपुड़ा की हरी-भरी पर्वत श्रृंखलाओं के बीच बसा पौराणिक और चमत्कारिक श्री हनुमान मंदिर जामसांवली धाम अब एक वैश्विक आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में उभर चुका है।
‘महाकाल लोक’ की तर्ज पर विकसित हो रहा ‘हनुमान लोक’ न केवल अपनी अलौकिक शक्तियों के लिए, बल्कि अपनी भव्य वास्तुकला के लिए भी दुनिया भर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।
314 करोड़ की लागत से संवर रहा आस्था का केंद्र
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 314 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना के साथ ‘हनुमान लोक’ का निर्माण किया जा रहा है।
प्रथम चरण का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जा चुका है, जबकि द्वितीय चरण की घोषणा ने इस क्षेत्र को दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्रों की दौड़ में शामिल कर दिया है। यहाँ श्रद्धा और आधुनिकता का ऐसा संगम देखने को मिल रहा है, जो आने वाले समय में मध्य भारत की पहचान बनेगा।
निद्रा मुद्रा में संकटमोचन प्राचीनता और चमत्कार का मेल
जामसांवली की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ विराजित भगवान हनुमान की निद्रा मुद्रा की प्रतिमा है। एक विशाल प्राचीन पीपल के वृक्ष के नीचे लेटी हुई यह प्रतिमा देश के गिने-चुने अद्वितीय विग्रहों में से एक है।
मान्यता हजारों वर्ष पूर्व एक जलधारा के बीच छिपी इस प्रतिमा को एक किसान ने खोजा था। आज यह स्थान न केवल भक्तों की मुरादें पूरी करने के लिए, बल्कि मानसिक शांति के केंद्र के रूप में भी विख्यात है।
आज मनाएंगे भव्य हनुमान जन्मोत्सव
आज जामसांवली और आसपास के क्षेत्रों में हनुमान जन्मोत्सव की धूम रहेगी। नगर के श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर में विशेष आयोजन किए जाएंगे l
ब्रह्म मुहूर्त पूजन प्रातः 5 बजे भगवान का विशेष अभिषेक, हवन और महापूजन होगा।
विशाल भंडारा महाआरती के पश्चात हजारों भक्तों के लिए प्रसाद एवं भंडारे की व्यवस्था रहेगी।
शोभायात्रा शहर में भक्तिमय धुनों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें झाँकियों के साथ जनसैलाब उमड़ेगा।
इन दोनों आचार्य श्री रामभद्राचार्य जी का प्रवचन भी चल रहे हैं मंगलवार को भजन गायक रसराज के द्वारा सामूहिक सुंदरकांड का वाचन किया गया जो एक अपने आप में रिकॉर्ड बना 14937 लोगों के द्वारा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया गया जो बुक में दर्ज किया गया l
लाखों की संख्या में पहुँच रहे श्रद्धालु
हर मंगलवार और शनिवार को यहाँ ‘भक्ति का महासागर’ उमड़ता है। विदेशों से भी पर्यटकों का आना शुरू हो गया है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुविधाओं के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि हर भक्त सुगमता से दर्शन कर सके।