जुआ के अड्डों पर खामोशी क्यों? महाराजपुर के पुरवा में खुलेआम चल रहा है जुए का धंधा, पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल

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रेवाँचल टाईम्स – मंडला नगर के उपनगर महाराजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पुरवा में जुए का कारोबार इन दिनों जोर पकड़ चुका है। शाम ढलते ही यहां जुए के अड्डे सज जाते हैं और कानून की धज्जियाँ उड़ती नजर आती हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस अवैध गतिविधि की जानकारी पुलिस को नहीं है? या फिर कोई मूक सहमति है?

स्थानीय लोगों की मानें तो जुए का यह खेल महज़ मनोरंजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की युवा पीढ़ी को गर्त में धकेलने वाला ज़हरीला जाल बन चुका है। दिन प्रतिदिन जुआरियों की संख्या में बढ़ोत्तरी और खुलेआम चल रही गतिविधियां पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहें है

आखिर किसकी शह पर चल रहा है यह जुआ?

नगर से लेकर उपनगर और गांव गांव के लोगों में चर्चा है कि यह अड्डा बिना ‘सरंक्षण’ के चल ही नहीं सकता। सवाल यह भी उठता है कि क्या स्थानीय थाना इन गतिविधियों से अनजान है, या फिर आंखें मूंद लेना ही बेहतर समझता है?

शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्यवाही

वही ग्रामीणों द्वारा कई बार प्रशासन को मौखिक व लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन हर बार मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। और अगर ज़्यादा दबाव पुलिस पर पड़ता है तो छोटी मोटी कार्यवाही कर के अपना पलड़ा झाड़ लेती है और जैसे जैसे लोग भूलते है वैसे ही धीरे धीरे पुनः जुआ फड़ लगने शुरू हो जाते है इससे जुआरियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।

अब सवाल जनता का है कब जागेगी पुलिस?

वही जिले के पुलिस कप्तान तो आए दिन इन अवैध कारोबारी पर कार्यवाही करने के निर्देश दे रहे तो क्या पुलिस कप्तान के आदेश में कितना खरे उतर पा रहे है ये तो जानता देख ही रही है प्रशासन को किसी बड़ी घटना का इंतज़ार में बैठी हुई है? या फिर आम जनता को खुद मोर्चा संभालना पड़ेगा? वर्षों से पुरवा में चल रहे इस खुलेआम जुए के अड्डों पर अगर जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह सामाजिक और कानून व्यवस्था दोनों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

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