मंडला कलेक्टर का नवाचार… अपने नए नए नवाचारों से सभी को अच्छी सीख देते हुए कलेक्टर साहब…

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दैनिक रेवांचल टाइम्स – मंडला, यूं तो मंडला आदिवासी बैगा बाहुल्य जिला मंडला में बहुत से कलेक्टर साहब आए और गए पर जब से मंडला जिले में नए कलेक्टर सोमेश मिश्रा आए हे तभी से वो नित नए नए नवाचारों के लिए जाने ओर पहचाने जाने लगे हैं। फिर वो अपने दफ़्तर के बाहर आम जन की सुविधा के लिए अपना निजी और पी.यू.सी मोबाइल नंबर का नेम प्लेट के साथ लिख कर बाहर टांगना हो या मंडला जिले में मां नर्मदा जी के घाटों की साफ सफाई के साथ साथ मंडला के प्रसिद्ध महिष्मति घाट का जीर्णोद्धार ही क्यों न हो, ऐसा ही एक नवाचार की शुरुआत करने का विशेष श्रेय मंडला जिला कलेक्टर को जाता है जिसमें मां गंगा के तट पर होने वाली महाआरती की तर्ज़ पर मां नर्मदा के किनारे हर रोज सायं कालीन होने वाली आरती की शुरुआत मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा को जाता हैं सायं कालीन को होने वाली मां नर्मदा को लेकर न केवल मंडला वासी अपितु बाहर से आने वाले श्रद्धालु भी मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा की सराहना करते हुए नहीं थकते हैं।
इसी तारतम्य में 3 जून को विश्व साइकिल दिवस के दौरान मंडला कलेक्टर मिश्रा ने स्वास्थ्य से जुड़े पहलू को लेकर आज अपने निजी बंगले से बिना गार्ड के ही सायकिल चलाते हुए खुद ही योजना भवन तक पहुंच गए और जनसुनवाई लेकर सभी का दिल जीत लिया। सायकिल चलाते हुए कलेक्टर साहब को जब मीडिया कर्मियों ने देखा तो उनके ऑफिस जाकर सवाल किया कि आज क्या बात हैं आपने स्वयं से सायकिल चलाते हुए अपने ऑफिस तक आ गए, तो जवाब देते हुए कलेक्टर मंडला साहब ने बतलाया कि आज सायकिल दिवस हैं। न केवल आज बस अपितु लगभग हर एक व्यक्ति को हर रोज ही थोड़ा बहुत सुविधानुसार सायकिल चला कर अपने और प्रकृति के प्रति आप एक जिम्मेदार नागरिक होने का एहसास करवा सकते हैं। उन्होंने बतलाया कि कोरोना काल में सिर्फ वही व्यक्ति बीमार होने से बचा रहा जिनकी इम्युनिटी शक्ति अच्छी थी। जो व्यक्ति शारीरिक श्रम करता हे उसका निरंतर शरीर से पसीना निकलता हे इसके साथ ही शरीर की प्रतिरोधी क्षमताएं भी मजबूत रहती हैं। इसीलिए आज विश्व साइकिल दिवस पर मैंने भी आम लोगों को एक छोटा सा मेसेज देने का सफल प्रयास किया।

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