आदिवासी दिवस में पारंपरिक संस्कृति की दिखी धूम

रेवांचल टाईम्स – मंडला जिले के नगर सहित गाव गाव में विश्व मूलनिवासी दिवस अवसर पर विकासखंड नारायनगज मुख्यालय अंतर्गत पुरखा भूमि कुम्हा सरहद चिरी में भव्य कार्यक्रम का आयोजन सर्व आदिवासी मूल निवासी समाज नारायणगंज गढ़ा मंडला के बैनर तले आयोजन संपन्न हुआ।कार्यक्रम दौरान सर्वप्रथम बडादेव गोंगो कर मंचीय अतिथियों का हल्दी चावल का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। साथ ही मंचीय अतिथियों द्वारा महाराजा शंकर शाह, कुंवर रघुनाथ शाह, महारानी दुर्गावती, भगवान बिरसा मुंडा, बाबा साहब अंबेडकर आदि पुरखों की छायाचित्र में दीप प्रज्वलित कर हल्दी चावल का तिलक वंदन कर कार्यक्रम के क्रम को आगे बढ़ाया गया। कार्यक्रम का प्रस्तावना पूर्व सरपंच कालीराम मर्रापा द्वारा विस्तार से रखा गया। जन्हा युवा संगठन सैला नृत्य टीम चुटका द्वारा अपना बेहतरीन कला संस्कृति का प्रदर्शन किया गया साथ ही क्षेत्रीय नन्हे मुन्ने बाल कलाकारों द्वारा खूबसूरत संस्कृती से सराबोर प्रस्तुतियां पेश कर लोगों का खूब मनमोहा। वही अतिथियों द्वारा उद्बोधन की कड़ी में सामाजिक जागरूकता सामाजिक एकता आर्थिक संपन्नता सहित समाज के समग्र विकास के पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए अपने-अपने विचार रखे। उद्बोधन की कड़ी में निवास विधायक चैनसिंह वरकड़े द्वारा संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 9 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय मूल निवासी दिवस के रूप में मनाए जाने घोषणा के संबंध में विस्तार से बताते हुए शिक्षा,स्वास्थ्य,सामाजिक संस्कृति को कैसे मजबूत कर सकते हैं आदि विषयों में विस्तार पूर्वक उपस्थित जन मानस को बताया।
वही कार्यक्रम दौरान उपस्थित रहे कलीराम कूड़ापे कार्यक्रम अध्यक्ष, इमरत सिंह धुर्वे पूर्व सरपंच, ताहर सिंह मरावी पूर्व सरपंच, कलीराम मर्रापा पूर्व सरपंच, हेमराज पंद्रो सरपंच,अखिलेश मरावी सरपंच, धर्मी बाई मर्रापा सरपंच, वंदना तेकाम, रेवत सिंह मरावी, कमलेश मरावी, जयदेव मार्को,धन्नी परस्ते, हरदयाल वरकड़े,हेमन्त मरावी, हज्जी टेकाम सहित बड़े संख्या में क्षेत्रीय जन रहे उपस्थित।