स्कूल भवन की टपकती छत, पंचायत हॉल में लग रही कक्षाएं

बटवार प्राथमिक शाला जर्जर, शिक्षा विभाग के अफसर बेखबर — ग्रामीणों में बढ़ता आक्रोश
रेवांचल टाइम्स, मंडला।
आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले की शिक्षा व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है। जिले के कई सरकारी स्कूल भवन इतने जर्जर हो चुके हैं कि उनकी छत किसी भी समय गिर सकती है। मरम्मत और निर्माण के लिए करोड़ों रुपये आने के बावजूद ज़िम्मेदार अफसरों की लापरवाही से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
सरकारी योजनाएं, लेकिन जमीनी हालात बदतर
केंद्र और राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में कई योजनाएं चला रही हैं, जिनमें सर्व शिक्षा अभियान भी शामिल है, जिसका उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसके लिए घर-घर सर्वे किया जाता है।
लेकिन ज़िले के ग्रामीण इलाकों में कई स्कूल भवन जीर्णशीर्ण हो चुके हैं। सहायक आयुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अभियान के इंजीनियरों को इन हालात की पूरी जानकारी होते हुए भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
बटवार का मामला — 1981 में बना भवन अब खंडहर
सूत्रों के अनुसार, जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बटवार (विकासखंड बिछिया) के वन ग्राम की शासकीय प्राथमिक शाला का निर्माण 1981 में हुआ था। अब यह भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, छत से लगातार पानी टपकता है और गिरने का खतरा बना रहता है।
पंचायत भवन में चल रहा स्कूल
भवन की खतरनाक स्थिति को देखते हुए कक्षाएं ग्राम पंचायत भवन में संचालित की जा रही हैं। यहां एक ही समय में तीन एजेंसियां काम कर रही हैं —
1. प्राथमिक शाला
2. राशन दुकान (सोसायटी)
3. ग्राम पंचायत कार्यालय एवं बैठकें
इस वजह से पढ़ाई में लगातार व्यवधान होता है। पंचायत की बैठक के समय ग्रामीणों की भीड़ लग जाती है, कुछ लोग शराब पीकर आते हैं और अपशब्दों का प्रयोग करते हैं, जिससे बच्चों पर नकारात्मक असर पड़ता है।
मरम्मत में लापरवाही, तिरपाल भी हुआ चोरी
जून माह में ₹6,000 की रिपेयरिंग के तहत छत पर तीन तिरपाल डाले गए थे, जिनमें से एक चोरी हो गया। आंगनबाड़ी भवन भी निजी मकान में चल रहा है।
नल-जल योजना के तहत स्कूल में पेयजल की व्यवस्था अधूरी है, लेकिन ठेकेदार को भुगतान पहले ही कर दिया गया है।
40 बच्चे, दो शिक्षक — पढ़ाई प्रभावित
वर्तमान में दो शिक्षक 40 बच्चों को पढ़ा रहे हैं —
पहली कक्षा: 10
दूसरी कक्षा: 10
तीसरी कक्षा: 6
चौथी कक्षा: 8
पाँचवीं कक्षा: 6
पंचायत भवन में ग्रामीणों की लगातार आवाजाही और सीमित जगह के कारण बच्चों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों और शिक्षकों की पीड़ा
”
लगातार बारिश से स्कूल भवन जर्जर हो चुका है। हादसे की आशंका के चलते पंचायत हॉल में कक्षाएं चल रही हैं। ब्लॉक और जिला स्तर के अफसरों को जानकारी देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।”
नरसिंह उलाड़ी सरपंच बटवार
“सात साल से भवन की स्थिति खराब है। विभागीय अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। पंचायत हॉल में ग्रामीणों की भीड़ से पढ़ाई बाधित होती है।”
सुशील पटैल सहायक शिक्षक बटवार
खतरे का इंतजार?
ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि क्या जिला प्रशासन मंडला में भी राजस्थान के झालावाड़ जैसी कोई दुर्घटना होने का इंतजार कर रहा है, जहां जर्जर स्कूल भवन के कारण मासूमों की जान गई थी।