एकलव्य विद्यालय में छात्रा की संदिग्ध मौत पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का विरोध प्रदर्शन, FIR दर्ज करने की मांग

रेवांचल टाईम्स – मंडला, आदिवासी बाहुल्य जिला वर्षो से है और इस जिले में सरपंच से लेकर सांसद तक सभी एक ही समाज के है पर एक आदिवासी नेता दूसरे आदिवासियों का ही हो शोषण करते नजर आ रहे और बच्चे बे मौत मारे जा रहे है।योजनाओं में खुला भ्रष्टाचार हो रहा हैं, जिले में शिक्षा स्कूल छात्रावास व्यवस्था चौपट हो चुकी है और और वह केवल व्यवसायिक हो चुकी है जनप्रतिनिधियों से लेकर जिला प्रशासन आँख मूंदे सब देख रहे हैं जहाँ सरकार इस पिछड़े जिले के लिए अनेको योजनाओं कार्यान्वित कर रही पर अधिकांश योजनाएं में आई राशि भ्रष्टाचार की शिकार हो रही है और भ्रस्टो ने उसे अपनी जेब में डाल रहे है और जिम्मेदार ये सब आँखे मूंदे बैठे हुए हैं।
वही मंडला जिले के निवास तहसील अंतर्गत पिपरिया स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा शिल्पी मरावी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु को लेकर क्षेत्र में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। इस घटना के विरोध में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें छात्रा की मृत्यु के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR दर्ज कर गैर इरादतन हत्या (धारा 304) का प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई।
श्रद्धांजलि और मौन धारण
धरना प्रदर्शन की शुरुआत मंडला शहर के प्रसिद्ध बैगा बैगी चौक पर हुई, जहां गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष जितेंद्र मरावी एवं कार्यवाहक अध्यक्ष प्रमोद नरेती के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय जन एकत्र हुए। उपस्थित लोगों ने शिल्पी मरावी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उसकी आत्मा की शांति हेतु दो मिनट का मौन रखा।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन
मौनधारण के पश्चात प्रदर्शनकारियों ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें शिल्पी मरावी की मौत की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई। ज्ञापन में यह स्पष्ट किया गया कि घटना के पीछे प्रशासनिक लापरवाही हो सकती है, और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। पार्टी ने यह भी मांग की कि शिल्पी के परिवार को उचित आर्थिक सहायता और न्याय प्रदान किया जाए।
जनाक्रोश और मांगें पर प्रशासन ख़ामोश
वही जिला अध्यक्ष जितेंद्र मरावी ने कहा, “एक छात्रा जो अपने भविष्य के लिए विद्यालय में पढ़ाई कर रही थी, उसकी मृत्यु प्रशासन की घोर लापरवाही का परिणाम है। इस तरह की घटनाएं आदिवासी समाज के विश्वास को तोड़ती हैं। यदि जल्द से जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगी।”
कार्यवाहक अध्यक्ष प्रमोद नरेती ने भी प्रशासन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि सरकार आदिवासी बच्चों की शिक्षा के नाम पर केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
आगे की रणनीति
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में FIR दर्ज कर उचित कानूनी कार्यवाही नहीं की गई, तो वह राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। साथ ही, पार्टी ने प्रदेश के सभी आदिवासी संगठनों से एकजुट होकर इस अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने की अपील की है।