दारू:- न बाबा.. न बाबा…न एक गांव ऐसा भी जहां महिलाओं ने शराब बंदी को लेकर उठाया कदम
दैनिक रेवांचल टाइम्स मंडला/आदिवासी बैगा बाहुल्य जिला मंडला में जहां गांव गांव ओर गली गली शराब की विक्रय ओर मांग जोरो पर हे वही जिला मुख्यालय से मात्र 14 किलोमीटर की दूरी पर एक गांव ऐसा भी है जहां कि महिलाओं ने (दारु) शराब से परेशान होकर एकमत आवाज उठाते हुए पूरे गांव में शराब की विक्रय करने वालों को ओर पीने वालों को नो एंट्री जोन घोषित करते हुए गांव में रैली निकल कर गांव वालों से आव्हान करते हुए ओर समझाइश देते हुए दारू को कहा न बाबा न बाबा न..।।
विगत दिनों गांव की महिलाएं शराब पीने वालों से ओर गांव में बिकने वाली शराब से तंग आकर के जिला मुख्यालय पहुंच कर जिला पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा से मांग की गई थी कि हमारे गांव में बहुत से ऐसे ठिकाने हे जहां पर अवैध दारू का निर्माण कार्य किया जाता हे ओर देशी वा दुकान से लाकर के शराब का विक्रय किया जाता है। जिस पर कड़ी कार्यवाही की जरूरत है क्योंकि गांव में बिकने वाली शराब से गांव का माहौल बिगड़ रहा हैं और गली गली दारू पीने वाले गांव के अच्छे माहौल को ओर हालात को बिगाड़ रहें हैं। जिस पर तुरंत कार्यवाही की जरूरत है। मौके की नज़ाकत को देखते हुए ओर महिलाओं के द्वारा नशे के खिलाफ एक अच्छा संदेश देने को लेकर मंडला पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने तुरंत ही आश्वाशन देते हुए ओर कड़ा एक्शन लेते हुए पुलिस थाना बम्हनी बंजर को कार्यवाही करने को आदेशित किया ओर उसके अगले ही दिन गांव में पहुंच कर अवैध रूप से निर्माण की जाने वाली शराब को पकड़ते हुए संबंधितों पर कार्यवाही की गई।
इसके बाद में भी गांव में शराब का बनना ओर विक्रय किये जाने पर रोक नहीं लगी जिससे तंग आकर के गांव की महिलाओं ने एकमत होकर के गांव के अन्य पुरुषों को समझाते हुए अपने साथ में रख कर रविवार को एक रैली निकाल कर ग्राम लफ़रा में बिकने वाली शराब और गांव में शराब पीने वालों को गांव में न आने की समझाइश दी। ग्राम की महिलाओं का कहना था कि शराब पीने वाले हमारे घर के पतियों से हम तंग आ चुके हे बड़ों को शराब पीते देख अब गांव के छोटे छोटे बच्चों में भी इसका बुरा असर देखने को मिल रहा हे जिससे कि बच्चों का आने वाला भविष्य खराब हो रहा है। हमारे घरों का सुख चैन छीना जा रहा हैं। घर में बड़े बुजुर्ग शराब पीकर लड़ाई झगड़ा करते हे और घरों का समान बाहर ले जाकर के बेच आते हे जिससे कि हमको आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता हैं। इसीलिए हम सभी महिलाओं ने एक मत होकर गांव में रैली निकाल कर के शराब बिक्री ओर पीने वालों को समझाइश देने की कोशिश की हे यदि इसके बाद में भी गांव में शराब पीने वाले नहीं सुधरते हे तो आने वाले समय में सामाजिक स्तर पर ऐसे लोगों को बहिष्कृत किया जायेगा। ओर शराब बंदी को लेकर हमारा ये अभियान निरंतर जारी रखा जाएगा। इसके साथ ही अवैध रूप से शराब विक्रय जिसके द्वारा भी किया जायेगा ऐसे व्यक्ति या परिवार को शासन द्वारा मिलने वाली योजनाओं से वंचित रखा जायेगा और भविष्य में कोई भी सरकारी योजनाओं का लाभ इनको नहीं दिया जाये इस बात का पूरा ध्यान रखा जायेगा।
शराब हे खराब बेचने वालों को समझाइश
गांव की महिलाओं ने बतलाया कि शराब सेहत के लिए बहुत ही खराब होती हैं शराब का निरंतर सेवन करने से एक स्वास्थ्य इंसान बीमार हो जाता हैं बाद में बड़ी बड़ी बीमारियों से ग्रसित भी होता हैं बाद में जिसके इलाज के लिए परिवार वालों को यहां वहां भागना पड़ता है जिससे कि परिवार की आर्थिक हालत खराब होती हैं और पीड़ित परिवार का सुख चैन छीन जाता हैं।
गांव की सरपंच ने सभी गांव वालों को समझाइश देते हुए बतलाया कि अगर इसके बाद में भी गांव में शराब बंदी नहीं की जाती हे तो हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि शासन द्वारा मिलने वाली योजनाओं का लाभ ऐसे हितग्राहियों को न मिले इसका पूरा प्रयास किया जायेगा जो शराब का विक्रय करता हो या शराब का सेवन करते हुए पकड़ा जाएगा। साथ ही पुलिस का पूरा सहयोग लिया जायेगा।
गांव वालों का ओर पुरुष वर्ग का मिला भरपूर सहयोग
शराब बंदी आव्हान को लेकर गांव की महिलाओं को बड़े बूढ़े और समझदार लोगों का भरपूर समर्थन मिला शराब बंदी के विरोध जाने वालों को सख्त से सख्त सजा मिले इसका गांव की महिलाओं ने पुलिस विभाग और अन्य विभाग से पूरा समर्थन किए जाने की मांग शासन वा प्रशाशन से की हैं।
शराब वा अन्य नशे के खिलाफ़ जागरूक हो रहे हैं गांव
आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में देखने को आ रहा हैं कि गांव गांव शराब वा अन्य नशे को लेकर गांव के लोग जागरूक हो रहे हैं जिसका फायदा गांव की महिलाओं के साथ साथ बच्चों को भी मिल रहा हैं। नशे के खिलाफ जाने से जहां एक ओर गांव में घरों की महिलाएं सशक्त हो रही हैं वहीं उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार आ रहा हैं साथ ही छोटे छोटे बच्चों का भी भविष्य सुनहरा हो रहा हैं क्योंकि जिस गांव में नशे का सेवन प्रतिबंध रहता हैं वहां पर प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से गांव ओर गांव में निवास करने वाले लोगों की आर्थिक ,सामाजिक, मानसिक, वा शिक्षित होने की पूरी संभावना बनी हुई रहती हैं।।
✍🏻✍🏻अवधेश पटेल (पवन)