पशुपालन विभाग में जम के चल रही है तानाशाही ,विभाग के कर्मचारी है परेशान ,वरिष्ठ अधिकारियों की बल्ले बल्ले –

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रेवांचल टाईम्स – सिवनी जिले में संचालित पशुपालन एवं डेरी विभाग कार्यालय के अधिकारी कर्मचारीयो का विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा लगातार शोषण करने की जानकारी प्राप्त हो रही है।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सिवनी जिले के पशुपालन विभाग के विभिन्न क्षेत्रों में पदस्थ अधिकारी कर्मचारी जिले में बैठे उपसंचालक की कार्यप्रणाली से त्रस्त नजर आ रहे है और उपसंचालक को सिवनी सहित जबलपुर के पशुपालन विभाग के सँयुक्त संचालक पद का भी प्रभार दिया गया है ,जिस कारण से सिवनी जिले में पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों के कार्य समय मे नही हो पा रहा है और उपसंचालक के द्वारा न ही सिवनी कार्यालय में ध्यान दिया जा रहा और न ही जबलपुर में वही उपसंचालक महोदय डॉ शिव का निवास स्थान छिंदवाड़ा जिला बताया जा रहा है।
वही कुछ कर्मचारियों ने नाम न छापने की तर्ज पर बतलाया कि कार्यालय में पदस्थ लगभग 30 से 35 कर्मचारियों के माह मई 2025 का वेतन बिना पूर्व सूचना या नोटिस के इन कर्मचारियों की सैलरी रोक दी गई हैं जब कुछ कर्मचारियों के द्वारा समय सैलरी न मिल पाने पर विरोधाभास प्रगट किया तो विभाग से दिनांक 3 जून 2025 को अपनी कमियों को छुपाते हुए एक नोटिस जारी कि जाती हैं जिस पर लिख होता है कि उक्त कर्मचारियों के द्वारा विभाग के कार्यों के लक्ष्य पूरा न करने को लेकर कर्मचारियों की मासिक सैलरी रोक दी गई हैं।
वही जानकारी के अनुसार विभाग में ऐसे अनेक कार्य है जो कि केवल खाना पूर्ति कर कागजो का पेट भर दिया जाता है और ऑनलाइन फीडिंग कर अपनी जिम्मेदारियों से पलड़ा झाड़ लिया जाता है ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है जहाँ पर लगातार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की शह पर बकरियो के टीकाकरण में लक्ष्य पूर्ति के चक्कर में लगातार उन्हें टीकाकरण किया जा रहा है। जबकि शासन के नियम कुछ और ही है। संचालानय भोपाल से जारी नियमों की अनदेखी की जा रही है और नियम यह कहते है कि बकरियों को हर वर्ष टीकाकरण नही बल्कि हर तीसरे वर्ष में पी पी आर जैसी बीमारियों का टीकाकरण करने का नियम हैं और सिवनी जिले में लक्ष्य पूरा और अपने आपके अब्बल आने और वाहवाही पाने के चक्कर में नियमों की अनदेखी की जा रही और जिसका खामियाजा छोटे कर्मचारी भुगत रहे है जिस कारण से ग्रामीणों सहित पशुपालक परेशान नजर आ रहे है। पशुपालन विभाग के ऐसे अनेक कारनामें है जो कि उपसंचालक महोदय पदस्थ सिवनी और जबलपुर में पर उनका रहना छिंदवाड़ा में रहने के आरोप लगाया जा रहा हैं।
वही जब इस संबध में विभाग के कर्मचारियों के द्वारा उपसंचालक के ऊपर लगे गंभीर आरोप के संबंध में रेवांचल की टीम ने उनके सेल पर संपर्क किया तो उनका सेल अटेन्ड नही हुआ जिस कारण से विभाग के जिम्मेदार और लगे आरोप पर उनका पक्ष नही रखा जा सका।
शेष अगले अंक में

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