शिक्षक के बदले पढ़ाने पहुंचे क्षेत्र के जनपद सदस्य

पर पढ़ाने की जगह बच्चों से करने लगे मारपीट सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा वीडियो
रेवांचल टाइम्स – मंडला, जिले भी अजब है गजब है जहाँ जो शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है वह अपनी जिम्मेदारी और अपने कर्त्तव्य के प्रति भागते और लापरवाह नजर आ रहे है और यह देख कर एक जनप्रतिनिधि जो जनता के द्वारा चुन कर आते है, और उन्हें जनता अपने क्षेत्र में विकास कराने के लिये चुनती है उन्हें अपने जनपद क्षेत्र में विकास की क्या गतिविधि और क्या कार्य चल रहे है, लोगो को क्या आवश्कता है कार्य पूर्ण है या नही पूरी देखरेख की जिम्मेदारी इनकी होती है और अपने क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों के द्वारा बच्चों की पढ़ाई सही कराई जा रही है या नही और शिक्षक समय पर स्कूल आ रहे है या नही ये रेख देख कर वरिष्ठ अधिकारियों तक ये चीजे जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी होती है। और आवश्कता पड़ने पर स्कूलों में निरीक्षण कर सकते है पर पहले स्कूल के प्राचार्य से अनुमति लेने के बाद ही क्लास रूम में जा सकते है एवं साथ मे शिक्षक एवं प्राचार्य का होना जरूरी होता है क्योंकि स्कूलों में छात्र एवं छात्राओ को एक साथ बिठालकर पढ़ाया जाता है। वही जानकारी के अनुसार घुघरी के डोंगर मंडला हाई स्कूल में तीन दिन पहले उस क्षेत्र के जनपद सदस्य के द्वारा अचानक से बिना प्राचार्य की अनुमति या साथ में लिए बगैर ही कक्षा नवमी की क्लास में चले जाते है जहां पर 45 छात्र एवं 42 छात्रायें अध्यनरत है, और जनपद सदस्य मुकेश मार्को हाथों में डंडा लिए सीधे क्लास रूम में पहुंचकर एक शिक्षक की तरह जनपद सदस्य के द्वारा पहले छात्र छात्राओं को ब्लेक बोर्ड में कुछ लिख कर समझाया फिर उनसे पूछा जब बच्चों ने जबाब नही दिया तो बारी बारी सभी छात्र छात्रोंओ को लाठी से उनके हाथों में मारते दिखाई दे रहे है । जो कि क्लास के किसी छात्र ने उनके कारनामों की वीडियो बना ली और जनपद सदस्य उर्फ शिक्षक को पता ही नही चल पाया।
जनपद सदस्य ने क्लास रूम में पढ़ाने के बाद कि बच्चों की पिटाई
वही जब एक आदमी शाला में प्रवेश कर के क्लास रूम में घुस कर बच्चों को पढ़ाया और उसके बाद उसके द्वारा पढ़ाए हुए पाठ को बच्चों से पूछा और उसके बाद बारी बारी सभी छात्र छात्राओं की पिटाई भी कर दी तब आखिरकार शाला के शिक्षक प्राचार्य कहा थे और वह ये सब कैसे होने दिया अगर छात्र छात्राओं के साथ कोई अप्रिय घटना दुर्घटना हो जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता, इस तरह ये स्पस्ट नजर आ रहा है कि शिक्षक अपने कर्तव्यों के प्रति कितने लापरवाही बरत रहे है यह इस घटना से स्पस्ट हो गया है।
क्या कहते है नियम
वही शिक्षा मंत्रालय के स्पष्ट निर्देश दिये गए है कि शिक्षण के दौरान किसी भी बच्चे के साथ मारपीट करना वर्जित है । पर वायरल वीडियो में स्प्ष्ट देखा जा सकता है कि एक जनपद सदस्य के द्वारा क्लास रूम में घुस कर बच्चों को पढ़ा भी दिया गया और सभी बालक एवं बालिकाओ को सजा सुनाते हुए मारते हुए दिखाई दे रहे है, पर यह वारयल वीडियो की रेवांचल टाइम्स समाचार पत्र पुष्टि नही करता है ये वीडियो क्लास रूम पर चुपके से बनाया गया है। पर सवाल यह उठता है कि जिस समय कक्षा नवमी में जनपद सदस्य मौजूद थे तब कोई भी शिक्षक क्लास रूम में नही दिखाई दे रहे है, वे कहा थे और क्या कर रहे थे, शाला में शिक्षक और प्राचार्य की पूरी जिम्मेदारी होती है कि स्कूल परिसर में कोई भी व्यक्ति अगर प्रवेश करता है तो बिना अनुमति के क्लास में नही जा सकता है अब सवाल यह उठता है कि जिस दौरान घटना घटी तब प्राचार्य कहाँ थे तब उस क्लास के कक्षा शिक्षक कहां पर थे जब प्राचार्य से जानकारी इस विषय मे चाही गई तो उन्होंने बताया कि कक्षा नवमी की टीचर उपस्थित नही थी क्लास में सिर्फ बच्चे थे जनपद सदस्य सीधे क्लास रूम में पहुंच कर पढ़ाने लगे बच्चों से इनके द्वारा प्रश्न पूछा गया जिसका जबाब शायद सभी बच्चे नही दे पाए जिससे क्रोधित होकर पूरी क्लास रूम के बालक और बालिकाओ को डंडे से उनके हाथों में मारा गया । वही जानकारी के अनुसार इस पूरे घटना क्रम में हुई लापरवाही को प्राचार्य के द्वारा छिपाया जा रहा हैं।
इनका कहना है कि……
मेरे सामने जनपद सदस्य आये और खाली क्लास में चले गए और पढ़ाने लगे और बाद में सभी बच्चो को बारी बारी से हाथो में मारा पीट करने लगे जिसका मैंने विरोध किया
रमेश गुमास्ता
प्रभारी प्राचार्य डोंगर मंडला
मुझे प्राचार्य के द्वारा मौखिक रूप से बताया गया कि नवमी क्लास के बच्चो को जनपद सदस्य मुकेश मार्को के द्वारा 9 तारीख को कक्षा में अंदर घुस कर आचनक से हाथों में मार पीट की जानकारी दी गई है पर ये जानकारी 19 सितंबर को दी गई जिसमें मेरे द्वारा संबंधित प्राचार्य को सो कास नोटिस जारी किया गया है।और जबाब मांगा है।
लाल जू उईके
खंड शिक्षा अधिकारी
घुघरी मंडला