राजनीति का शिकार हो रही मंडला की जनता, लगातार लोगों की हो रही हैं उपेक्षा
पक्ष विपक्ष अपनी अपनी वाहवाही लगे लूटने में लाखो करोडो की मशीनें खा रही धूल, हो रही कबाड़
रेवांचल टाईम्स – मंडला, मंडला जिला यू तो बैगा आदिवासी बाहुल्य जिला है जो कि पिछड़ा और आज तक विकास हीन है जहाँ केन्द्र और राज्य सरकार इस जिले के विकास अच्छे स्वास्थ्य अच्छी शिक्षा सभी को मुलभूत सुविधाएं के लिए ख़ज़ाने खोल दी ये है पर कही न कही इस जिले में पदस्थ अधिकारी और वर्षो से अंगद की पैर की तरह जमे कर्मचारियों ने इस जिले को विकास हीन और पिछडे रहने की कसम खाँ चुके है और जनप्रतिनिधियों की भूमिका न के बतौर साबित हो रही है जिले में अधिकांश योजनाएं आई पर जो पूरे देश मे लागू भी हुई जिले से संचालित योजनाओं मॉडल की तरह आई और चली भी गई पर आज वर्षों पुराना जिला और न इस जिले के विकास खंड तहसील के पूर्ण विकसित नही हो सकी आज भी जिले में ऐसे अनेको गांव है जहाँ न सड़क और न ही बिजली पानी पर ग्रामीण अंचलों में लोग अपना जीवन यापन कर रहे क्योंकि इस जिले के जनप्रतिनिधि और सरकारी तंत्र सरकारी योजनाओं में केवल और केवल इस जिले को चारागाह समझ रखें हुये और लोगों को मिलने वाली योजनाओं के बदले में केवल भ्रष्टाचार, रिश्वत ख़ोरी ग़बन और लूट मंचा रखी हुई जो कि मध्यप्रदेश में रिश्वत के मामंले में पूरे प्रदेश में जाने लगा है जहाँ आये दिन मंडला जिले के सरकारी कार्यालय में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों पर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की टीम ओर लोकायुक्त जबलपुर की कार्यवाही कर रही है बावजूद इसके सरकारी तंत्र में कोई सुधार नही हो रहा है।
वही जिले में वैसे भी स्वास्थ्य सुविधाओं की पूर्व से लगातार कमी चली आ रही है और रही बात व्यवस्था की तो वह ज़ीरो है और हर ओर केवल अव्यवस्थाओं के चलते स्वास्थ्य सेवाएं ठप्प है कही चिकित्सक की कमी तो कहीं मशीनों की कमी तो कभी ऑपरेटरों की कमियां गिनाई तो कही दवाइयां नही मिल पा रही हैं, लेकिन व्यवस्थाओं को सुधारने न जिला प्रशासन और न ही कोई जनप्रतिनिधियों की तरफ से पहल नहीं की जा रही । केवल मंचों से और कागज़ो में पूरा जिला विकास शील बन चुका हैं।
वही विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रमाणित जिला चिकित्सालय को कागजों में सर्वसुविधा युक्त हर तरह की मशीनों से सुसज्जित बताया जाता रहा है जबकि हकीकत तो सभी जानते हैं कि अस्पतालो में मशीन तो थी लेकिन ऑपरेटर न होने के चलते सोनोग्राफी जैसी मशीन का लाभ मरीजों को नहीं मिल पाया आज भी मरीज बाहर से ही सोनोग्राफी करवाने मजबूर रहे यही हाल नैनपुर हॉस्पिटल का भी रहा है। नैनपुर हॉस्पिटल में डायलिसिस मशीन की कमी को देखते हुए समाजसेवी रोटरी क्लब के विवेक तनखा जो कि कांग्रेस पार्टी के नेता भी हैं इनके द्वारा नैनपुर में एक एम्बुलेंस एवं एक डायलिसिस मशीन जो कि किडनी के गंभीर मरीजों के लिए जीवन दायनी है मशीन पिछले कुछ महीनों पहले प्रदाय की गई थी, चूंकि डायलिसिस मशीन के दो पार्ट होते हैं मतलब एक यूनिट चालू करने के लिए दो मशीनों की आवश्यकता होती है लेकिन विवेक तनख़ा के द्वारा एक मशीन दी गई थी जिससे डायलिसिस यूनिट चालू नहीं की गई थी जिसका लाभ नैनपुर की जनता को या किडनी रोग से पीड़ित मरीजों को नहीं मिल पा रहा हैं इसलिए नैनपुर की जनता के द्वारा जिले की कैबिनेट मंत्री संपतिया उईके को समस्या बताई एवं डायलिसिस यूनिट चालू करने की मांग की चूंकि यूनिट चालू करने के लिए दो मशीन होना चाहिए एक ही मशीन होने से यूनिट चालू नहीं किया जा सकता था जनहितैषी मांग को देखते हुए जिला चिकित्सालय मंडला से एक डायलिसिस मशीन को नैनपुर भिजवाया गया जिसका शुभारंभ विगत दिनों कैबिनेट मंत्री संपतिया उईके के द्वारा किया गया वही दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के द्वारा इसका विरोध किया गया कि एक मशीन विवेक तनखा द्वारा दी गई है जिसका शुभारंभ उनकी अनुपस्थिति में नहीं किया जाना चाहिए इस राजनीतिक विरोध के चलते मंत्री जी के द्वारा एक ही डायलिसिस मशीन का शुभारंभ कर दिया अपनी उपस्थिति और केवल खानापूर्ति कर दी गई पर चिकित्सालय में एक ही मशीन होने के चलते यूनिट अभी भी चालू नहीं हो सकी और मरीजों को डायलिसिस मशीन का लाभ नहीं मिल रहा है अब दोनों ही मशीन कबाड़ की तरह नैनपुर हॉस्पिटल में रखी हुई हैं जो यह दिखाने बताने के लिए पर्याप्त है कि नैनपुर में भी डायलिसिस मशीन है
कांग्रेस पार्टी के विरोध करने के बाद कैबिनेट मंत्री संपतिया उईके के द्वारा दूसरी मशीन उपलब्ध कराने घोषणा कर दी गई है तब तक लाखों की मशीनें धूल खाकर कबाड़ में तब्दील हो जायेगी और फिर जनता को केवल झुंझना ही मिल रहा हैं, और ऐसी कबाड़ में पड़ी अनेको मशीने जिला चिकित्सालय से लेकर नैनपुर हॉस्पिटल की शोभा बढ़ा रही हैं
पर जनता का यह सवाल है कि क्या विपक्ष को स्वास्थ्य लाभ से वंचित रखने विरोध करना कितना जायज था? जहाँ विवेक तनखा समाजसेवी द्वारा महीनों पहले दी गई मशीन का शुभारंभ क्यों नहीं किया गया? क्या नैनपुर नगर की जनता की उपेक्षा जानबूझकर की जा रही जहाँ पर मशीन होते हुए भी मरीज़ो को स्वस्थ सेवाएं से वंचित रखने ही राजनीति के चलते विरोध किया गया जो भी हो अब कैबिनेट मंत्री संपतिया उईके द्वारा दूसरी मशीन लगाकर यूनिट चालू कर दी जायेगी तब समाजसेवी कांग्रेस नेता विवेक तनखा द्वारा दी गई एक मशीन यू ही रखी रखे रह जाएगी या वो इस मशीन को उठा ले जायेंगे या फिर एक और मशीन नैनपुर को उपलब्ध कराएंगे?
वही पक्ष विपक्ष अपनी वाहवाही लूटने की राजनीति के चलते जनता को स्वास्थ्य लाभ से वंचित होना पड़ा। यह विचारणीय है और इसका पूरा फायदा निजी किलिनिक वालो को मिल रहा है और मरीज लूट रहे है और ये जनप्रतिनिधि केवल राजनीति कर रहे है लोगों की परेशानियों से को लेना देना नही है।
इनका कहना है कि….
डायलिसिस यूनिट का शुभारंभ हो गया है एक सप्ताह के अंदर मरीजों को डायलिसिस मशीन का लाभ मिलने लगेगा
” डॉ राजीव चावला”
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर नैनपुर मंडला