आयुष्मान योजना की आड़ में अरबों की लूट जबलपुर के नामी प्राइवेट अस्पतालों पर फर्जीवाड़े के लग रहे गंभीर आरोप!

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सूत्रों के हवाले से बड़ा खुलासा, रेवांचल टाइम्स जल्द करेगा पूरे घोटाले का पर्दाफाश कि गरीबों को मिलने वाली योजनाओं में बड़े बड़े अस्पतालों में चल रहा लूट का खेल ईलाज कम और राशि अधिक की निकासी चल रहा बड़ा खेल दलाल भी है सक्रिय

दैनिक रेवांचल टाइम्स जबलपुर
* जबलपुर जिले के बड़े प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान योजना के नाम पर करोड़ों की ठगी
* फर्जी मरीज, बनावटी इलाज और बोगस बिल के जरिए लूटा सरकारी पैसा
* स्वास्थ्य मंत्रालय और आर्थिक अपराध शाखा ने मांगी रिपोर्ट

गरीबों की योजना, अमीरों का कारोबार बन गई आयुष्मान योजना

“आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना” गरीबों को मुफ्त इलाज देने का सपना थी, लेकिन जबलपुर के कई बड़े प्राइवेट अस्पतालों ने इसे अबेध कमाई का जरिया बना लिया।
सूत्रों के अनुसार
करोड़ों रुपये के इलाज कागज़ों पर ही किए जा रहे हैं और असली मरीजों को या तो इलाज नहीं मिल रहा या उनसे भी पैसे वसूले जा रहे हैं।

जबलपुर के प्रमुख अस्पताल संदेह के घेरे में

सूत्रों से पता चला है कि जबलपुर जिले के कई नामी प्राइवेट अस्पताल जैसे

* विजय नगर, गढ़ा और सिविक सेंटर क्षेत्र के मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल
* मेडिकल कॉलेज के आसपास के बड़े निजी अस्पताल
* आयुष्मान अधिकृत नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटर

आयुष्मान कार्ड के ज़रिए फर्जी बिलिंग और अवैध क्लेम कर रहे हैं।

कैसे होता है घोटाला खुला खेल, बंद सिस्टम

1. फर्जी मरीज तैयार करना

गांव-गांव से कार्ड धारकों को बुलाकर भर्ती दिखाया जाता है, जबकि कोई इलाज नहीं होता।

2. महंगे इलाज दिखाना

छोटी बीमारी को बड़ी सर्जरी बताकर लाखों के बिल बनाए जाते हैं।

3 एक मरीज, कई क्लेम

एक ही कार्ड से एक साल में 4-5 बार अलग-अलग अस्पतालों से क्लेम निकाला गया।

4 बिचौलियों की भूमिका

आयुष्मान कार्ड बनवाने से लेकर भर्ती तक दलालों का पूरा नेटवर्क काम कर रहा है।

रेवांचल टाइम्स की इन्वेस्टिगेशन टीम का बड़ा दावा

रेवांचल टाइम्स को प्राप्त हुए अंदरूनी दस्तावेज, बिलिंग रिकॉर्ड, और ऑडियो-वीडियो फुटेज में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं

* एक ही दिन में 12 ऑपरेशन दिखाए गए, जबकि सर्जन मौके पर ही नहीं था
* इलाज मरीज की मौत के बाद भी चालू रहा
* 10 दिन के इलाज का क्लेम, जबकि मरीज एक दिन ही भर्ती था

प्रशासन और एजेंसियों की नजर कार्रवाई की तैयारी

* स्वास्थ्य विभाग ने मांगी रिपोर्ट
* आयुष्मान भारत राज्य नोडल एजेंसी सतर्क
* EOW (आर्थिक अपराध शाखा) ने जुटाया प्रारंभिक साक्ष्य
* संभावित तौर पर जल्द एफआईआर, लाइसेंस निलंबन और रिकवरी की प्रक्रिया शुरू हो सकती है

जनता की आंखें खोलने जल्द ही बड़ा खुलासा किस कदर लूट रहे हैं सरकारी धन

रेवांचल टाइम्स की विशेष टीम ने इस पूरे घोटाले पर बनाई हुई है अपनी नज़र

वीडियो स्टिंग ऑपरेशन, दस्तावेज़ी सबूत और गवाहों के बयान इकट्ठा कर लिए हैं।
जल्द ही हम लाएंगे:

* अस्पतालों के नाम
* फर्जीवाड़े में लिप्त डॉक्टर और मैनेजमेंट
* प्रशासन की चुप्पी की असली वजह

जबलपुर का आयुष्मान घोटाला बन सकता है मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा हेल्थ स्कैम

यह सिर्फ योजना का दुरुपयोग नहीं, देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना की हत्या है।
सरकार को चाहिए कि वह:

* सीबीआई या SIT से जांच करवाए
* दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे
* और यह सुनिश्चित करे कि योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों को मिले

शेष अगले अंक में अस्पतालों के नाम और गवाहों के बयान जल्द पढ़े पूरी खबरें दैनिक रेवांचल टाइम्स समाचार पत्र पर

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