भीम सेना ने भ्रष्टाचार और जातिवाद मामलों में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई कि जांच की मांग

दैनिक रेवाँचल टाईम्स – भीमसेना प्रमुख सतपाल तंवर की तरफ से चीफ सेक्रेटरी नेहा शर्मा ने गृहमंत्री अमित शाह को लिखा पत्र
चंडीगढ़/नई दिल्ली/ रोहतक/ गुरुग्राम। भीम सेना ने हरियाणा पुलिस विभाग से जुड़े दो हाई-प्रोफाइल जान देने के मामलों में गंभीर आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की है। भीम सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर ने यह मांग अपनी मुख्य सचिव नेहा शर्मा के जरिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भेजे गए एक औपचारिक पत्र के माध्यम से की है। साथ ही तंवर ने एक वीडियो बयान भी जारी करके सीबीआई जांच की मांग की है। पत्र में आईपीएस वाई. पूरन कुमार और असिस्टेंस सब इंस्पेक्टर संदीप लाठर की मौतों को जातिवाद, भ्रष्टाचार और विभागीय साजिश से जोड़ा गया है।
प्रमुख बिंदु पत्र की मांग:
नवाब सतपाल तंवर ने मांग की है कि इन दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में काम करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा पुलिस में जातिगत भेदभाव और भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें हैं, जो इन मौतों का कारण बनीं। यहां भ्रष्टाचार भी कूट-कूट कर भरा हुआ है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी संवैधानिक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
IPS वाई. पूरन कुमार का मामला:
2001 बैच के आईपीएस अधिकारी और एडीजीपी रैंक के वाई. पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर 2025 को चंडीगढ़ में अपनी जान दे दी थी। अंतिम नोट में उन्होंने जातिगत उत्पीड़न और विभागीय दबाव का जिक्र किया था। घटना को लेकर चंडीगढ़ पुलिस में मामला दर्ज है और एसआईटी जांच कर रही है।
एएसआई संदीप लाठर का मामला:
14 अक्टूबर 2025 को रोहतक साइबर सेल के एएसआई संदीप लाठर ने भी अपनी जान दे दी थी। उनके अंतिम नोट और वीडियो में आईपीएस पूरन कुमार, उनकी पत्नी आईएएस अमनीत कुमार, और भाई आप विधायक अमित मान रतन पर भ्रष्टाचार और धमकी के आरोप लगाए गए। संदीप पूरन से जुड़े एक रिश्वतखोरी मामले की जांच भी कर रहे थे।
सीबीआई जांच की मांग:
तंवर ने कहा कि ये मौतें एक बड़ी साजिश का हिस्सा हैं, जिसमें उच्च अधिकारियों और राजनीतिक हस्तियों की संलिप्तता हो सकती है। भीमसेना प्रमुख सतपाल तंवर ने मांग की है कि जातिवाद से लेकर भ्रष्टाचार और जान देने तक सभी मामलों में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच होनी चाहिए। तभी दूध का दूध और पानी का पानी हो सकता है। तंवर ने यह भी कहा कि आईपीएस पूरन कुमार के द्वारा पहले की गई सभी शिकायतें, चंडीगढ़ पुलिस में हरियाणा आईपीएस, आईएएस अधिकारियों और अन्य के खिलाफ दर्ज अपराध, एएसआई संदीप लाठर की पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर, और इस पूरे प्रकरण से जुड़ी सभी शिकायतों को एक जगह पर इक्कठा करके सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच कराई जाए। सतपाल तंवर ने तो यहां तक मांग की है कि आईपीएस पूरन कुमार की पत्नी अमनीत कुमार और उनके भाई विधायक अमित रतन की कथित भ्रष्टाचार और संपत्ति की जांच जरूर की जाए। लेकिन अन्य दोषी अधिकारियों को भी नहीं बक्शा जाना चाहिए जिनके कारण आईपीएस पूरन कुमार ने अपनी जान दे दी। जो भी लोग दोषी पाए जाएं उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
पत्र में उठाए गए मुद्दे:
हरियाणा पुलिस में एससी/ एसटी समुदाय के खिलाफ कथित भेदभाव। विभागीय भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोप। पूरन कुमार और संदीप लाठर की मौतों को जोड़ते हुए जांच की मांग। नार्को टेस्ट और आरोपियों की संपत्ति की जांच की सिफारिश।
वर्तमान स्थिति:
रोहतक पुलिस ने संदीप केस में मुकदमा दर्ज कर लिया है, जिसमें आईएएस अमनीत कुमार और विधायक अमित मान रतन समेत चार लोगों पर केस दर्ज किया है। वहीं चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी पूरन कुमार केस की जांच कर रही है, लेकिन परिवार ने लैपटॉप सौंपने से इनकार किया। सरकार ने एसआईटी तो गठित कर दी है, लेकिन सीबीआई जांच पर अभी फैसला लंबित है।
वही भीम सेना ने चेतावनी दी है कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो भीम सेना का आंदोलन तेज होगा। अब दलित और जाट मिलकर आंदोलन करेंगे। पत्र में तंवर ने हरियाणा सरकार और केंद्र से त्वरित कार्रवाई की अपील की है। यह मामला हरियाणा पुलिस में व्याप्त कथित गड़बड़ियों को उजागर करता जा रहा है।