तेज़ी पेर पसार रहें है झोलाछाप डॉक्टर, झोलाछाप डॉक्टरों का आतंक गांव-गांव में मौत का कारोबार!

 

रेवाँचल टाईम्स – मंडला, जिले के घुघरी, सलवाह, देवहरा, कुसमी, भानपुर और तबलपानी जैसे गांवों में झोलाछाप डॉक्टरों का मकड़ जाल फैल चुका है। बिना योग्यता, बिना डिग्री और बिना पंजीकरण के ये लोग खुलेआम एलोपैथिक दवाई दे रहें है और मरीजों को अपनी निजी किलिनिक में बाटल लगाकर इलाज कर रहे हैं।
वही मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडला ने 9 अगस्त 2024 को साफ निर्देश दिए हैं कि कोई भी अन्य पद्धति का व्यक्ति एलोपैथिक इलाज नहीं कर सकता, लेकिन हकीकत में ये “नकली डॉक्टर” इंजेक्शन लगाने से लेकर जानलेवा दवाएं तक दे रहे हैं।

ग्रामीणों की मजबूरी और सरकारी अस्पतालों की लापरवाही इन झोलाछापों के लिए वरदान बन चुकी है। इनके बाहर “डॉ. फलां-फलां, जैसी झूठी तख्तियां लगी हैं, और लोग इन्हें भगवान समझ बैठते हैं। कई बार गलत दवा देने से लोगों की हालत बिगड़ चुकी है, फिर भी कार्रवाई सिर्फ कागजों में सिमटी है।

👉 जनता सवाल पूछ रही है: क्या प्रशासन की आंख तब खुलेगी जब किसी की जान जाएगी?
जरूरत है सख्त कार्रवाई की — ताकि गांवों में मौत की ये दुकानें बंद हों और असली डॉक्टरों की नियुक्ति सुनिश्चित हो सके।

याद रखें:
“नकली दवा शरीर को मारती है, नकली डॉक्टर समाज को।”

इनका कहना है.
घुघरी क्षेत्र में झोलाछाप डाक्टर मनमाने पैसे लेते हैं और लोगो की मजबूरी का फायदा उठा रहें है और शासकीय अस्पताल में डाक्टर समय पर मिलते नहीं हैं मजबूरी में इलाज के लिए इनके पास जाना पड़ता है..
मोहन सिंह
ग्राम वासी इमलीटोला घुघरी

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