नियंम को ताक में रख, खेतों में बनाई जा रही है कालोनियां

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अधूरी सड़क व नाली निर्माण को लेकर रहवासियो में नाराजगी
सरदार पटेल वार्ड में अवैध प्लाटिंग का मामला, जिला प्रशासन से जांच की मांग

रेवांचल टाईम्स – मंडला, नगर पालिका क्षेत्र में इन दिनों नगर पालिका से गठजोड़ कर खेतों की भूमि में प्लाटिंग कर लोगो को ठगा जा रहा है न सड़क न पानी न बिजली और न ही विकास की अनुमति केवल मनमाने रेट और कॉलोनाइजर बिना विभागों की अनुज्ञा प्राप्त किये ही धड़ा धड बेच रहा है प्लाट और नगर पालिका मंडला और राजस्व बैठें हुए हाथ पे धरे हाथ और विकसित कॉलोनी के नाम पर लूट रहे लोग
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पालिका क्षेत्र में कालोनाइजर रसूखदार विभागों से गठजोड कर और उनकी जेब भरकर लोगो को अच्छे विकसित कॉलोनी के सपना दिखा कर लूट रहा हैं, सरदार पटेल वार्ड में कृषि भूमि को बिना डायवर्सन कराए प्लांटिग कर कच्ची कालोनी बनाई जा रही है और नगरीय निकाय के द्वारा डामरीकरण सड़क व सीसी नाली का निर्माण अधूरा छोड़ दिया है। यहां तक कॉलोनी में ना गार्डन बनाया गया है और ना ही प्रकाश की कोई व्यवस्था है। इसको लेकर रहवासियो में नाराजगी है। उनका कहना है कि मेन सड़क पर डामरीकरण किया गया लेकिन गलियो को छोड़कर कॉलोनी व उससे लगे रिक्त प्लाटो में सड़क बनाई गई है। जिससे रिक्त प्लाटो की कीमत दुगुनी हो गई है। वैध व अवैध प्लाटो को लेकर जिला प्रशासन से जांच कार्रवाई की मांग की गई है। पर बड़ा सवाल की कार्यवाही करेगा कौन
वही रेवांचल की टीम को बताया गया है कि सरदार पटेल वार्ड की सीमा और ग्राम पंचायत बिंझिया से लगी कृषि भूमि में लगातार प्लाट काटे जा रहे है। रहवासियो की द्वारा न्यायालय में आवेदन में कॉलोनाईजर प्लाट विक्रेता आशा चौरसिया पति मनमोहन चौरसिया निवासी बिझिया, ममता कछवाहा पति उमाशंकर कछवाहा निवासी बिझिया, प्रमोद कछवाहा पिता बिहारी लाल कछवाहा निवासी सरदार पटैल वार्ड, चंदीलाल क्षत्री पिता भैरूमल क्षत्री निवासी सरदार भगत सिंह के नाम से दिए गए है। जिनके द्वारा एक दशक पहले से इस एरिया में 350 रूपए वर्ग फिट प्लाट विक्रय करने काम चालू किया और अब डामरीकरण सड़क बन जाने के बाद लगातार प्लाटो काटे जा रहे है। यहां लोगो को सर्वसुविधाएं उपलब्ध कराने का लोगो को सब्जबाग दिखाकर प्लाट विक्रय किया जा रहा है। उक्त कृषि भूमि में प्लाटिंग करने की अनुमति को लेकर भ्रामक जानकारी दी जा रही है। नगरीय निकाय के द्वारा वर्ष 2010 से 2012 के बीच कुछ प्लाटो में आवास बनाने की अनुमति का हवाला दिया गया है। जिसके चलते सड़क व नाली का निर्माण का काम किया जा रहा है। निकाय के ही सर्वे अनुसार वर्ष 2016 से लेकर वर्ष 2022 तक नगरीय निकाय क्षेत्र में 13 अवैध कॉलोनी को वैध करने की प्रक्रिया में कच्ची शारदा कॉलोनी का नाम ही नहीं है। इस तरह सरदार पटेल की कृषि भूमि प्लॉटिंग कर धड़ल्ले से आवास बनाकर कच्ची कॉलोनी विकसित की जा रही है। इसके चलते रहवासियो को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनाईजर एक्ट के तहत पंजीयन व लाइसेंस लेकर प्लाटिंग करने पर प्लाट लेने वाले रहवासियो को सड़क पानी प्रकाश व्यवस्था की सुविधा मिलती है। पर जिला प्रशासन के द्वारा अवैध प्लाटिंग व कच्ची कॉलोनी की जांच को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिससे अबैध कॉलोनी काटने वाले के हौसले बुलंद है और नगर उपनगर में कालोनाइजर के द्वारा लोगों के सस्ते सस्ते दामो में कृषि भूमि (खेत ) ख़रीद कर उनके टुकड़े टुकड़े
सिर्फ गली नंबर दो का निर्माण
बताया गया है कि कच्ची शारदा कॉलोनी के मुख्य सड़क का डामरीकरण किया गया है। इसके अलावा कॉलोनी की गलियो को छोड़ दिया गया है। सौ से डेढ़ सौ मीटर लंबाई की गलियो के आमने सामने के रहवासियो को करीब दस साल के बाद भी सड़क नसीब नहीं है। इस कॉलोनी में सिर्फ गली नंबर दो में सड़क बनाई गई है। जिससे की इस गली से लगी हुई कृषि भूमि पर चल रही प्लांटिग में आसानी से रॉ मटेरियल की सप्लाई के लिए वाहनो की आवाही हो सके। नपा में मिलीभगत से निर्माण कार्य कराए जा रहे है।
रिक्त प्लाटो के कीमत बढ़ी
बताया गया है कि कच्ची शारदा कॉलोनी में सड़क व नाली निर्माण की आड़ पर नगर पालिका के द्वारा इसी वार्ड के ईडन गार्डन कॉलोनी की ओर रिक्त प्लाटो के सामने डामरीकरण सड़क का निर्माण कर दिया है। इसके चलते रिक्त प्लाटो की कीमत दो हजार रूपए वर्ग फिट से अधिक हो गई। इसी एरिया अभी गत वर्ष तक हजार रूपए वर्ग फिट में प्लाट का विक्रय किया जाता रहा है। करीब 1900 मीटर लंबाई की सड़क में सवा करोड़ से अधिक रूपए खर्च किए गए। जो पहली ही बारिश में डामर छोडऩे लगी है।
इनका कहना है
कहने के लिए कॉलोनी है। लगातार प्लाङ्क्षटग हो रही है। यहां हाल में सड़क बनाई गई है, जिसमें बे्रकर नहीं बनाया गया। प्रकाश की व्यवस्था नही। घरो से लगे खेत है जिससे जहरीले जीवो का खतरा बना रहता है। यहां तक बच्चो और बुजूर्गो के गार्डन व मंदिर तक का निर्माण नहीं किया गया।
मोहिनी स्थानीय
सरदार पटेल के इस एरिया में करीब दस साल पहले प्लाट क्रय किया था। अब जाकर मुख्य सड़क बनी लेकिन बिझिया की ओर सड़क पर आवाजाही में परेशानी होती है। प्लाट लेने के बाद डायवर्सन मुझे ही कराना पड़ा। नपा में विकास शुल्क भी जमा किया। इसके बाद मूलभूत सुविधाएं नहीं है।
सुनील स्थानीय
प्लाट का विक्रय सब्जबाग बता कर किया गया। दस साल से अधिक समय से यहां निवासरत है लेकिन घर के सामने सड़क नाली तक निर्माण नहीं किया गया। सिर्फ एक गली में सड़क बनाई गई जो समझ से परे। निकाय के सभी तरह के शुल्क जमा करने के बाद भी कोई सुविधाएं नहीं मिल रही है। संगीता स्थानीय

कॉलोनी में मनमानी से प्लाटिंग की गई। इस वजह कही सड़क संकीर्ण है तो कही गलियों के बीच बिजली के पोल खड़े है। प्लाटिंग करने वाले गार्डन की भूमि खेत में दे रहे है यहां ना बच्चो के लिए खेल मैदान व मंदिर का निर्माण किया गया। मनमानी से निर्माण कार्य हो रहे वे भी पूरे नहीं किए जा रहे है।
माधुरी
स्थानीय

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