वात्सल्यमयी पिच्छिका परिवर्तन समारोह
रेवांचल टाईम्स – मंडला, लघु तीर्थ क्षेत्र व्रती नगरी पिंडरई में कार्तिक माह के अष्टानिक महापर्व पर 26 मंडलीय श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान बड़े ही भक्ति भाव के साथ सानंद सम्पन्न हुआ।विधान की समापन वेला में नगर में विराजमान मुनिद्वय मुनि श्री नीरज सागर जी एवं मुनि श्री निर्मद सागर जी का वात्सल्यमयी पिच्छिका परिवर्तन समारोह हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया था। दिन का शुभारंभ श्री जी एवं नवीन पिच्छिका की शोभा यात्रा के साथ हुई। मध्यान्ह में श्री विद्या स्वभाव भवन में एक बृहद आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मंगलाचरण पाठशाला के बच्चों के द्वारा किया गया .. बाहर से पधारे हुए मुनिद्वय के गृहस्थ जीवन के परिजनों के द्वारा आचार्य भगवन के छाया चित्र का अनावरण एवं छाया चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन किया गया तत्पश्चात आचार्य भगवन की सक्रिय पूजन रामायण को आधार बना कर की गई जो कि सभी के आकर्षण का क्रेंद्र बनी। इस बृहद आयोजन का मंच संचालन कविराज चंद्रसेन जी भोपाल के द्वारा किया गया। मुनि श्रीनीरजसागरजी महाराज की पुरानी पिच्छिका श्रीमती जुली संदीप जी बड़े बाबा वॉच परिवार एवं मुनि श्री निर्मदसागरजी की पुरानी पिच्छिका श्रीमती प्रकृति प्रलभ जैन lic परिवार को प्राप्त करने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। साधु सेवा समिति के पदाधिकारी ऋषभ कुमार जैन ने जानकारी दी कि इस आयोजन का हृदयग्राही दृश्य वह था जब दोनों मुनिराजों ने एक दूसरे को नवीन पिच्छिका प्रदान की और एक दूसरे के चरणों का स्पर्श किया। इस अनमोल दृश्य को देखने के उपरांत सुधिजनों की आंखे नम हो गई। पिच्छिका परिवर्तन समारोह में शाकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष चौधरी कैलाश जैन एवीएन चातुर्मास समिति के अध्यक्ष मनीष जैन संजय जैन आयोजन को सफल बताया ग्राम पंचायत से सरपंच संदीप जी मरकाम एवं उप सरपंच भाई जितेंद्र राजपूत जी ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से आयोजन को सफल बनाया साथ ही आस पास के नगर एवं ग्राम से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित हो कर मुनिद्वय के दर्शन एवं देशना का लाभ प्राप्त किया।